Mar 20 2019 /
10:47 AM

कपास की आड़ में गांजे की खेती कर मुँहबोले भतीजे के साथ शहर में आकर बेचता था

इंदौर। क्राइम ब्रांच ने दो आरोपियों को पकड़ा है जो रिश्ते में मुँहबोले चाचा भतीजा है। आरोपी कपास की आड़ में गांजे की खेती करते और शहर में आकर “अवैध” रूप से गांजे की तस्करी करते थे। एडिशनल एसपी अमरेंद्र सिंह ने बताया कि भंवरकुआ व कनाड़िया पुलिस के साथ मिलकर की गई संयुक्त कार्यवाही में इन्हें पकड़ा गया।

मुखबिर से सूचना मिली थी कि जिला धार से दो व्यक्ति मोटर साइकल पर अवैध गाँजा लेकर इंदौर आ रहेें हैं जो कि इंदौर के कनाड़िया व भवंरकुआ क्षेत्र में गाँजा की खेप की सप्लाय करेंगें। इस पर भंवरकुआं क्षेत्र से एक को पकड़ा गया।

उसने अपना नाम सतीश पिता लक्ष्मण काहीर उम्र 35 साल निवासी ग्राम कछवानिया पोस्ट धानी थाना धमनोद जिला धार का होना बताया। आरोपी के पास टूरिस्ट बैग की तलाशी लेने पर उसके कब्जे से करीबन 02 किलो 200 ग्राम अवैध गांजा मिला।

पूछताछ पर आरोपी सतीश ने बताया कि वह और उसका मुंहबोला भतीजा राहुल गिरवाल पिता नारायण गिरवाल उम्र 20 वर्ष निवासी ग्राम कछवानीया पोस्ट धानी थाना धमनोद जिला धार दोनों इंदौर में गांजे की डिलीवरी देने के लिये मोटरसायकल से आये थे किंतु आरोपी सतीश को राहुल कनाड़िया थाना क्षेत्र में डिलीवरी देने के लिये छोड़कर स्वयं भवंरकुआ क्षेत्र में “अवैध गांजे की ग्राहक को डिलीवरी देने के लिये रवाना हो गया था।

इस पर राहुल को भी बाइक नम्बर MP11MH 9783 सहित भवरंकुआ क्षेत्र में पकड़ा गया। उसके कब्जे से एक झोले मे 02 किलो अवैध गांजा बरामद हुआ।

पूछताछ में उन्होंने बताया कि आरोपी सतीश पेशे से किसान है तथा ट्रेक्टर ड्राइवरी करके घर परिवार चलाता था है। वह शराब व अन्य नशे का आदी है। इसी के चलते आरोपी स्वयं के खेतों में कपास की फसल बोने के साथ ही वह बीच-बीच में अवैध रूप से गाँजे की भी खेती करने लगा था।

गांजे की फसल कपास के पोधौं के बीच में छुप जाने के कारण दिखाई नहीं देती है। आरोपी बड़ी मात्रा में गांजे का उत्पादन करने लगा था जिसे अपने मुँहबोले भतीजे राहुल गिरवाल की मदद से इंदौर में खपा देता था।

आरोपी इंदौर के अलावा उज्जैन, धार व आस पास के जिलों मं भी गांजा बेचता था। सतीश गाँव के आसपास के पहचान वाले लोगों को भी गाँजा बेचता था। आरोपी अक्सर अपने जान पहचान वाले लोगों को ही गाँजा सप्लाय करता था।

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इंदौर