Jul 20 2019 /
2:07 PM

देश में 26 हजार लोगों को ठगने के मामले में इंदौर की एडवाइजरी कंपनी के 25 के खिलाफ केस, ये 20 हुए गिरफ्तार

इंदौर। इंदौर पुलिस द्वारा एडवाइजरी कंपनी के नाम पर ठगी के देश के बड़े मामले में 25 आरोपियों के विरुद्ध केस रजिस्टर्ड किया गया है और 20 को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस कंपनी द्वारा देश में 5 से 7 लाख लोगों को ठगने के लिए कॉल किये गए और लगभग 26 हजार को अपना शिकार बनाया।

एएसपी शैलेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि फरियादी सैनिक राजेन्द्र सिह है, जो कि जम्मू कश्मीर के निवासी है, की शिकायत पर से ट्रेड इंडिया रिसर्च, 301 तृतीय मंजिल मंगल सिटी, विजयनगर, इंदौर के विरुद्ध विजयनगर थाने पर ठगी का प्रकरण पंजीबद्व किया गया। कम्पनी द्वारा शेयर ट्रेडिग कर दो गुना लाभ दिलवाने के नाम पर फरियादी से 23,66,000 हजार रूपये की ठगी का आरोप है।

पुलिस महानिदेशक इन्दौर झोन वरूण कपूर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रूचि वर्धन मिश्रा व पुलिस अधीक्षक पूर्व मो युसुफ कुरेशी के मार्गदर्शन में प्रारंभिक छानबीन में कई चौकाने वाली बातें सामने आई है।

मामला इस प्रकार है कि प्रार्थी को ट्रेड इंडिया रिसर्च कंपनी के कर्मचारियो द्वारा फ्री ट्रायल काॅल कर संपर्क किया गया था। धोखे से कुल 23,66,000 हजार रूपये लेकर कोई लाभ नही दिया गया। उनकी पत्नी के नाम के दस्तावेजों से भी छेड़छाड़ की गई।

ये है आरोपी

मुख्य आरोपी नेहा गुप्ता पति प्रदुम्न गुप्ता निवासी छत्रपति नगर इन्दौर मालिक /डायरेक्टर

-मंदार पिता श्यामकान्त कुलकर्णी जाति ब्राह्राण निवासी धनवन्तरी नगर इंदौर, डिप्टी सेल्स मैनेजर

-अशोक कुमार पटेल पिता बैद्यनाथ पटेल निवासी विजयनगर इंदौर स्थाई पता जिला रीवा,आईटी डिपामेन्ट।

-अजय तिवारी पिता अन्नपूर्णा प्रसाद तिवारी निवासी नेहरू नगर इंदौर, स्थाई पता जिला रीवा, माकेंटिग।

-संजय कुमार प्रजापति पिता चक्रधारी प्रजापति जाति कुमार हाल निवासी देवास नाका इंदौर स्थाई निवासी कटनी,रिसर्च टीम।

-अश्विन पाल पिता राजेन्द्र पाल जाति पाल निवासी गजराज नगर इंदौर,रिसर्च।

-विजेन्द्र सिह पिता बलवन्त सिंह निवासी न्यू गौरी नगर, इंदौर,फलेाट मेनेजमेन्ट।

-मंगल पिता मोहनलाल राठौर, निवासी तलावली चांदा इंदौर,फलोर मेनेजमेन्ट।

-नवीन कुमार पिता अनिल कुमार निवासी निरंजन पुर इंदौर, सेल्स।

-संदीप पिता जयराम बागडी निवासी शिवशक्ती नगर इंदौर, रिलेशन मैनेजर।

-विक्रान्त पिता अशोक गुप्ता निवासी अम्बेडकर नगर, इंदौर, फलोर मेैनेजर।

-सतीश पिता मथुरा प्रसाद जायसवाल निवासी ग्राम झाराडिया, लसूडिया इंदौर,सेल्स मैनेजर।

-अविनाश पिता प्रेमलाल नागेश्वर निवासी अम्बेडकर नगर इंदौर।

-फामिद खान पिता अयूब खान निवासी लसूडिया इंदौर,फलोर मेनेजमेन्ट।

-अमन पिता भरत भूषण मनचन्द्रा निवासी निपानिया लसूडिया इंदौर,सेल्स हेड।

-तुषार पिता कृष्णकुमार व्दिवेदी निवासी ग्राम झाराडिया, लसूडिया इंदौर, फलोर मेनेजर।

-शाहरूख पिता निषाद खाँ निवासी बिचौली हप्सी रोड, इंदौर, सेल्स।

-सचेन्द्र पिता रामगोविन्द बरुआ निवासी भिण्ड हाल निवासी सुखसम्पदा कालोनी इंदौर,सेल्स हेड।

-शिवेन्द्र कुमार पाठक पिता रोशनलाल पाठक निवासी जिला रीवा हाल मुकाम नादिया नगर इंदौर, रिसर्च।

-धीरेन्द्र शुक्ला पिता दीनबन्धु शुक्ला निवासी जिला सतना हाल मुकाम शिवशक्ति नगर इंदौर, रिसर्च टीम।

-अनिष पिता अनिल कुमार जैन निवासी लोककनायक नगर, इन्दौर।

-रिया उर्फ रूचिका गौतम- पहली बार सैनिक को काल करने वाली नौकरी छोडकर जा चुकी हैं।

-सुनिल परिहार – रिया उर्फ रूचिका का हेड जिसने सेनिक से पैसे डलवाये थे जो नोैकरी छोड के जा चुका है।

-प्रतीक कष्यप – जिसने सेनिक से कोल करके पैसे डलवाये थे जो नोैकरी छोड के जा चुका है सेल्स भी देखता था।

-बलवीन्दर कोैर – सैनिक का केवायसी बनाया था कम्पाइस देखती थी नौकरी छोड चुकी है ।

एएसपी चौहान ने बताया कि अभी तक मुख्य बाते जो पता चली है इनमे मुख्य ये है-

-टेलीफोन पर झाॅसा देकर एडवायजरी के नाम पर धोखाधडी से हडपी रकम।

-300 कर्मचारियो वाली का बनाया काॅल सेंटर।

-7 लाख से अधिक नागरिको को किया ठगी के लिये काॅल

-26 हजार से अधिक क्लाइट बने ठगी के शिकार

-25 लााख लोगो का टेलीफोन नम्बर डेटा किया कलेक्ट।

-डेटा कलेक्ट करने के लिये बनाई फर्जी सोषन मिडिया प्रोफाईले।

-फेसबुक लिकंडिन जी प्लस गूगल प्लस के माध्यम से बनाई पेठ।

-फर्जी फेसबुक बनाई लडकियो के नाम से। इन तमाम बिंदुओं पर छानबीन जारी है।

-सेबी के रजिस्ट्रेशन की आड मे करते थे धोखधडी।

-टेलीफोन पर झाॅसा देकर एडवायजरी के नाम पर धोखाधडी से हडपी रकम।

-हनीट्रेप- फेसबुक पर खुबसूरत लडकियो के फोटो लगाकर फर्जी नाम से आईडी बना कर उनसे चेैट कर उनको अपना ग्राहक बनाकर डेटा प्राप्त किया जाता था। -कंपनी की एक टेक्नीकल टीम करती थी खुबसूरत लडकियो के नाम पर प्रोफाईल बनाने का काम।

-रिमोट क्लांइट टारगेट करना- देष के दूरकोने मे रहने वाले जैसे दिल्ली, हरियाणा,पंजाब जम्म कशमीर मे रहने वाले लोगो को टारगेट कर उनको अपना क्लांइट बनाना और उनसे धोखाधडी पूर्वक रूपया जमा कराना ।

-26 हजार लेागो को लगाये गये काॅल और एडवायजरी के नाम पर कस्टमर बनाया गया है, परन्तु 21 हजार लोगो को नुक्सान होने के कारण उन्होने छोडा कंपनी को रूपया देना । वर्तमान मे कंपनी के पास 5000 हजार कस्टमर है।

-कंपनी के आई टी डिर्पाटमेन्ट के 4 लोग करते है। ग्राहको के डिमेट अकाउन्ट अजय त्रिपठी , अषोक पटेल, गौरव गर्ग, नेहा गुप्ता ऑपरेट करते है।

-नुकसान होने पर फरियादी/शिकायतकर्ता को कम्पलाइंस मैनेजर करते थे शिकायत वापस लेने की डील जिसमे फरियादी को कम से कम राषि देकर बनाते थे दबाव।

-कपंनी के हर कर्मचारी को होता था ज्यादा ठगी करने का दवाब, टारगेट पूरा न होने पर नौकरी से निकालने की दी जाती थी धमकी।

-हर महीने टारगेट पूरा नही करने पर कर्मचारी बिना सैलरी के छोड जाते थे नौकरी।

-कंपनी मे नये नियुक्त कर्मचारियो से लिये जाते थे ब्लेंक चैक जिससे बिना बताये नौकरी छोडकर कर्मचारियो से ब्लेक चैक के माध्यम से वसूली जाती थी वेतन से दुगना राशि।

-प्रतिदनि 900 लोगो को किया जाता था ठगी के लिये काॅल।

छह आरोपी 14 तक पुलिस रिमांड पर

एडवाइजरी कंपनी के नाम पर ठगी मामले में गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस द्वारा जेएमएफसी अमन भूरिया की कोर्ट में पेश किया गया। जिला लोक अभियोजन अधिकारी मोहम्मद अकरम शेख ने बताया कि इनमें से छह आरोपियों अजय, अमन, अनीश जैन, मंदार, सचेन्द्र और अशोक पटेल को कोर्ट ने 14 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर सुपुर्द कर दिया, बाकी अन्य 14 आरोपियों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। शासन की ओर से पैरवी एडीपीओ सुनील जाट द्वारा की गई।

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