आरक्षक परीक्षा के फर्जीवाड़े में सीबीआई द्वारा चालान पेश किया

मथुरा के आरोपी की अग्रिम जमानत का आवेदन खारिज, गिरफ्तारी वारंट जारी

इंदौर। व्यापमं द्वारा आयोजित आरक्षक भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े में
आरोपी बनाए गए मथुरा के युवक के विरुद्ध मंगलवार को सीबीआई ने चालान पेश
किया। व्यापम मामलों की विशेष मजिस्ट्रेट नीलम शुक्ला की कोर्ट में आरोपी
हरेन्द्र सिंह पिता सुखराम निवासी ग्राम नगला, मथुरा यूपी के विरुद्ध
सीबीआई की ओर से अधिवक्ता रंजन शर्मा ने यह चालान पेश किया। इस दोरान
आरोपी के उपस्थित न होने पर कोर्ट ने उसके विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी
कर दिया। इधर इसी आरोपी हरेन्द्र की ओर से अग्रिम जमानत का आवेदन विशेष
जज जेपी सिंह की कोर्ट में पेश हुआ। सीबीआई की ओर से विरोध करते हुए
बताया गया कि आरोपी ने आरक्षक भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा कर गंभीर
कृत्य किया है और जांच के दौरान भी सहयोग नहीं किया। ऐसे में उसे अग्रिम
जमानत का लाभ नहीं दिया जाए। इस तर्क के आधार पर उसका अग्रिम जमानत का
आवेदन कोर्ट ने खारिज कर दिया गया।

यह है मामला

वर्ष 2013 में शाजापुर मं व्यापमं के माध्यम से पुलिस आरक्षक भर्ती
परीक्षा हुई थी। इस दौरान पुलिस ने वासुदेव पाठक नामक आरोपी को पकड़ा था।
वह उक्त आरोपी हरेन्द्र के नाम से यह परीक्षा दे रहा था। पुलिस ने अपनी
विवेचना में तो हरेन्द्र को आरोपी नहीं बनाया था लेकिन बाद में इसकी जांच
सीबीआई को गई। उसने अपनी जांच में हरेन्द्र को भी आरोपी बनाया। इसी में
आज सीबीआई ने हरेन्द्र के विरुत्र धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में चालान
पेश किया।

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