चीफ जस्टिस ने कोडवानी को बुलाकर जिला कोर्ट निर्माण के बारे में चर्चा की

इंदौर। सामाजिक कार्यकर्ता किशोर कोडवानी को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस हेमंत गुप्ता ने शनिवार सुबह करीब सवा दस बजे इंदौर स्थित अपने शासकीय आवास पर बुलाया और उनसे पिपलियाहाना तालाब के समीप बन रही जिला कोर्ट बिल्डिंग को लेकर चर्चा की। कोडवानी ने इस चर्चा के बारे में बताया कि चीफ जस्टिस ने उनसे तालाब के अधिकतम जल भराव क्षेत्र से 60 मीटर दूरी का नियम व एक्ट माॅगा जो बाद उन्हें पहुंचा दिया गया। इसी तरह टोपोशीट, भारत सरकार का भू सर्वेक्षण मैप, PWD के मैप और गूगल मैप की संयुक्त ट्रेसिंग का सयुक्त नक्शा उनके समक्ष रखकर बताया कि किस तरह एचएफएल में यह नई न्यायालय बिल्डिंग बन रही है । कोडवानी ने बताया कि चीफ जस्टिस ने उन्हें नियम के विपरीत कोई भी काम ना होने की विश्वास दिलाया। इसी तरह सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार मध्यप्रदेश में निर्माण प्रतिबंध मामले में चीफ जस्टिस ने कहा यह मेरा आज का विषय नहीं है और अभी जिला कोर्ट निर्माण का कार्य आदेश नहीं दिया गया है। इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि सुप्रीम कोर्ट के 8 अक्टूबर के निर्णय के बाद ही कोई कार्यवाही आगे बढ़ाई जाएगी।

पुलिस निगरानी में रहे कोडवानी

चूंकि पिपलिया हाना तालाब किनारे बन रही इस नई कोर्ट बिल्डिंग का कोडवानी ने विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया था इसी के चलते शुक्रवार रात से ही पुलिस उनके घर पहुंच गई थी। सीएसपी हरीश मोटवानी ने उनसे चर्चा की। बाद में अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से ऊपर तक बात पहुचाई और अंततः चीफ जस्टिस ने कोडवानी को अपने यहां मिलने बुलाया। शनिवार सुबह उनसे हुई मुलाकात के बाद उन्होंने विरोध प्रदर्शन का निर्णय त्याग दिया। हालांकि कल रात से लेकर भूमि पूजन का कार्यक्रम पूरा हो जाने तक पुलिस में कोडवानी को अपनी निगरानी में रखा।

(फ़ोटो कोडवानी के घर पहुचे csp हरीश मोटवानी)

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