मप्र में शिवराज सरकार द्वारा 4 हजार करोड़ के फंड का दुरुपयोग, चीफ जस्टिस को कांग्रेस ने भेजी पत्र याचिका

इंदौर। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने शिवराज सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उसमें यह आरोप लगाया है कि उनके द्वारा करीब 4000 करोड़ के फंड का दुरुपयोग किया गया है। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र याचिका भेजकर इस पूरे मामले की जांच की मांग की गई है।

इस संबंध में शुक्रवार को मध्य प्रदेश कांग्रेस के सचिव राकेश सिंह यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री संबल योजना में फंड लाने के लिए कर्मकार कल्याण का करीब 4 हजार करोड़ का फंड आकस्मिक निधि में ट्रांसफर कराने के बाद आकस्मिकता निधि से मुख्यमंत्री संबल योजना में अवैधानिक तरीके से ट्रांसफर कर दिया गया जबकि कर्मकार कल्याण मंडल का फंड सिर्फ असंगठित मजदूरों जो कि भवन निर्माण का कार्य करते हैं एवं कुछ छोटे कार्य करते हैं उन सबके के उत्थान के लिए निर्धारित रहता है और इस फंड का उपयोग किसी अन्य योजना में नहीं लगाया जा सकता। यादव ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद श्रमायुक्त संजय दुबे एवं कर्मकार मंडल के सेक्रेटरी एलपी पाठक में आपस में मिलकर यह षड्यंत्र रचा है।

इस घोटाले की शिकायत लेटर पिटीशन के द्वारा चीफ जस्टिस सुप्रीम कोर्ट एवं चीफ जस्टिस मध्यप्रदेश हाईकोर्ट को की गई है। राकेश सिंह का आरोप है कि आर्थिक घोटाले की शुरुआत जनवरी 2018 में की गई थी एक और सरकार लगभग दो लाख करोड़ के कर्ज में डूबी हुई है वहीं दूसरी और विधानसभा चुनाव आ रहे हैं। 15 साल की विफलताओं को छुपाने के लिए मुख्यमंत्री एवं उनके नौकरशाहों ने एक योजना बनाकर तैयार की जिसका नाम दिया मुख्यमंत्री संबल योजना एवं जन आशीर्वाद यात्रा बनाई गई। लेकिन इस योजना के लिए फंड उपलब्ध नहीं था जिसके चलते उक्त गड़बड़ी की गई। सुनिए राकेश के आरोप-

Spread the love

इंदौर