Sep 24 2019 /
2:15 PM

कोल इण्डिया लि. में साईट इंजीनियर के पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर ठगने वाले 2 जालसाज इंदौर में गिरफ्तार

आरोपियों ने नौकरी दिलाने के नाम पर युवक युवतियों से ठगे लाखों रूपये

इंदौर। कोल इण्डिया लि. भारत सरकार में साईट इंजीनियर के पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर ठगने वाले 2 जालसाज इंदौर में क्राइम ब्रांच द्वारा गिरफ्तार किये गए हैं।

पकड़े गए आरोपियों के नाम योगेश पिता रामकृष्ण मिश्रा उम्र-26 वर्ष मूल निवासी कोटर सतना मप्र,वर्तमान निवासी-पालदा, इन्दौर और दीपक पिता कमलसिंह राजपूत उम्र 24 वर्ष पिपलिया तहसील नरसिंहगढ़ जिला राजगढ़ हाल मुकाम – 210 जगजीवनराम नगर एमआईजी इंदौर है।

आरोपियों ने नौकरी दिलाने के नाम पर अनेक बेरोजगार युवक युवतियों से लाखों रूपये ठगे है। लगभग आधा दर्जन शिकायतें इनके विरूद्ध प्राप्त हो चुकी है। आरोपी बाकायदा फर्जी नियुक्ति पत्र भी जारी करते थे। ये ठगी की राशि बैंक खातों में ऑनलाईन ट्रांसफर कराते थे।

एएसपी क्राइम अमरेंद्र सिंह ने बताया कि एक आवेदक कान्हा गोयल निवासी फ्लेट नम्बर 203 गुलमर्ग सोसायटी द्वारा शिकायत की गई थी कि योगेश नामक व्यक्ति द्वारा आवेदक कान्हा को कोल इण्डिया भारत सरकार कोलकाता में साईट इंजीनियर के पद पर नौकरी लगवाने का प्रलोभन दिया।

नौकरी लगवाने के एवज में आवेदक कान्हा से उक्त योगेश नामक व्यक्ति ने विभिन्न ट्रांजेक्शन के माध्यम से आई.डी.एफ.सी. बैंक के निजी खातों में 90,000/- रूपये जमा करा लिये बाद आवेदक कान्हा के परिजनों से कुल 3,70,000/- रूपये नगद प्राप्त कर योगेश मिश्रा नामक व्यक्ति द्वारा आवेदक के साथ कुल 4,60,000/- रूपये की धोखाधड़ी की गई।

इसके बाद कूटरचित दस्तावेज तैयार कर आवेदक को कोल इण्डिया भारत सरकार कोलकाता में साईट इंजीनियर के पद पर नौकरी वास्ते फर्जी नियुक्ति पत्र भी दे दिया।

नियुक्ति पत्र फर्जी होने पर आवेदक द्वारा जब वापस रूपयों की मांग की गई तो योगेश मिश्रा द्वारा रूपये भी वापस नहीं किये गये। इस धोखाधड़ी में दूसरा आरोपी दीपक भी शामिल था। इस पर दोनों को गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में पता चला कि आरोपी योगेश बी.एस.सी. तक पढा है। पहले ट्रेड सॉलूशन एडवाईजरी कम्पनी, इन्दौर में प्राईवेट नौकरी करता था बाद में स्वयं नौकरी लगवाने के नाम से लोगों से रूपये ऐंठकर धोखाधडी करने लगा था।

आरोपी दीपक भी इस प्रकार की धोखाधड़ी की वारदातें अपने साथी योगेश मिश्रा के साथ मिलकर करता है जो कि पूर्व में स्वास्तिक इन्वेस्टमेण्ट मार्ट राजवाड़ा कम्पनी, इन्दौर में कार्य करता था।

फरियादी कान्हा गोयल कन्स्ट्रक्षन का काम करते हैं जिनकी बेटी प्रकरण के आरोपी दीपक राजपूत के साथ स्वास्तिक इन्वेस्टमेण्ट मार्ट राजवाड़ा कम्पनी, इन्दौर में कार्य करती थी इसलिये उसकी दीपक से पहचान थी।

इसी के चलते आरोपी दीपक ने फरियादी की बेटी (जोकि उसकी सहकर्मी भी थी) को उसकी तथा उसके भाई की नौकरी कोल इण्डिया लिमिटेड भारत सरकार में लगवाने का प्रलोभन दिया तथा बताया कि उसके परिचित योगेश मिश्रा की अच्छी पकड़ व सांठ गांठ है जो कि सरकारी नौकरी लगवा देगा।

फरियादी को आरोपी दीपक की बातों पर तत्समय भरोसा नही हुआ तब आरोपी दीपक ने चाल चलते हुये स्वयं का रेलवे विभाग में सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र दिखाया तथा फरियादी को कहा कि उसकी भी सरकारी नौकरी उसके परिचित योगेश मिश्रा ने लेन देन कर लगवाई है।

फरियादी आरेापी दीपक की बातों में आ गया तथा उसके कहे अनुसार उसके परिचित योगेश मिश्रा से बात चीत कर 4 लाख 60 हजार रू नौकरी वास्ते दे दिये। आरोपी दीपक ने जो रेलवे विभाग में स्वयं की नौकरी का नियुक्ति पत्र फरियादी को दिखाया था वह भी जांच में फर्जी पाया गया ।

उपरोक्त दोनों आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ संगनमत होकर विभिन्न युवक युवतियों के साथ लगभग 20 लाख रूपये की अवैध वसूली की है जिसके संबंध में विभिन्न शिकायती आवेदन पत्र पुलिस को प्राप्त हुयें है जिसकी जांच की जा रही है।
इस प्रकार नौकरी लगवाने के नाम पर उत्तराखण्ड, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश के भी कुछ लोगों की संलिप्तता उजागर हुई है।

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इंदौर