​डीपीएस के संचालकों पर केस से कोर्ट का इंकार

इंदौर। दिल्ली पब्लिक स्कूल बस हादसे को लेकर स्कूल के संचालकों के विरुद्ध भी गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की गुहार जेएमएफसी ए आर भलावी की कोर्ट ने ठुकरा दी। इसे लेकर धारा 156-3 के तहत पेश किया गया परिवाद शनिवार को खारिज़ कर दिया। ये परिवाद इस दुर्घटना के पीड़ित बच्चों के परिजनों की ओर से लगाया गया था।

तकरीबन छह माह पहले पांच जनवरी को यह हादसा हुआ था। तेज गति के कारण हुई दुर्घटना में चार बच्चों व ड्रायवर की मौत हो गई थी और छह घायल हो गए थे जिनमें तीन की हालत गंभीर थी। इस मामले में पुलिस ने स्कूल प्रबंधन से जुड़े लोगों को गैर इरादतन हत्या की धारा 304 ए आईपीसी में आरोपी बनाया था, लेकिन संचालकों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की।

इस पर इसे लेकर जिला कोर्ट में एक परिवाद धारा 156-3 के तहत दायर किया गया था। इसमें समय समय पर निकले सरकार के नोटिफिकेशन, दिशा निर्देश व कानून का हवाला देकर बताया गया था कि इस हादसे के लिए स्कूल के संचालक भी जिम्मेदार है,

लेकिन पुलिस ने कतिपय दवाब में इन्हें आरोपी नहीं बनाया है। कोर्ट से गुहार की गई थी कि उक्त हादसे में में स्कूल संचालकों को भी धारा 304 ए आईपीसी के तहत गैर इरादतन हत्या का आरोपी बनाया जाए। परिवाद पर गत दिनों बहस पूरी हो गई थी और आदेश के लिए तीस जून रखी थी। आज कोर्ट ने यह कहते हुए परिवाद खारिज़ कर दिया कि इसमें जो मुद्दे उठाए गए है, ये साक्ष्य का विषय है। केस की ट्रॉयल के दौरान इस पर चर्चा की जा सकती है।

रिवीजन लगाएंगे

परिवाद खारिज़ किये जाने के इस निर्णय के विरुद्ध अब पीड़ित के परिजन सेशन कोर्ट में रिवीजन लगाएंगे। उल्लेखनीय है कि पुलिस ने उक्त स्कूल के प्रिंसिपल सुदर्शन सोनार के विरुद्ध भी केवल धारा 144 के उल्लंघन में आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई कर गिरफ्तार किया था। करीब आठ दिन जेल में रहकर हाई कोर्ट से सोनार को जमानत मिली थी।

यह थी घटना

5 जनवरी 2018 की शाम को कनाडिया बायपास पर इस स्कूल की बस चालक ने तेज गति व अनियंत्रित गति से चलाकर रोड डिवाईडर के दूसरी तरफ समानांतर रोड पर घुसेड दी थी जिससे दूसरी तरफ से आ रहे ट्रक से भिड गई थी।

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