Apr 22 2019 /
10:01 AM

इंदौर में दिगम्बर जैन संत ने थाने पर नीचे बैठकर लिखवाई रिपोर्ट, कहा मुझे जान का खतरा

इंदौर। इंदौर में रविवार को अजीब मामला देखने को मिला। अपने आश्रम पर होने वाले कब्जे के प्रयास, विवाद व धमकाने आदि मामले को लेकर एक दिगंबर जैन संत सुब्रत सागर महाराजजी को हातोद रोड़ पर स्थित गांधीनगर थाने जाना पड़ गया। चूंकि दिगम्बर जैन संत सांसारिक चीजों का त्याग कर चुके है, इसके चलते वे वहां की कुर्सी पर बैठने की बजाय थाने की जमीन पर बैठ गए और अपनी रिपोर्ट दर्ज करवाई।

मामला बिजासन रोड से धार रोड निकलने वाले मार्ग पर सर्वोदय मलयगिरि का है। बताते है यह जमीन पारस जैन ने आचार्य शिवसागर महाराज को मंदिर बनाने के लिए दी थी और कुछ ही दिन पहले आचार्य शिवसागर महाराज का देवलोकगमन हुआ था और उनका डोला भी निकाला गया था।

संत शिवसागर महाराज ने समाधि के पूर्व अपनी इच्छा के मुताबिक 84 दिनों में यह तीर्थ बनाने की इच्छा समाजजनों के सामने जाहिर की थी और इस सर्वोदय मलयगिरि ट्रस्ट पर 84 दिनों में तीर्थ भी बना और यहां भगवान बाहुबली का अभिषेक भी हुआ व पंचकल्याणक भी करवाया गया। लेकिन अब वहां विवाद की स्थिति निर्मित की जा रही हैं।
और नीचे बैठ गए संत

आज जब मामले की शिकायत करने संत थाने पहुंचे तो पुलिस के भी हाथ-पैर फूल गए कि संत क्यों आए हैं। संत ने कहा कि उनकी जान को खतरा है और जैन मंदिर में बाधा डाली जा रही है।

पुलिस ने संत से थाने में अन्दर आने का आग्रह किया, संत ने कहा हम थाने में नहीं जाते हैं तो पुलिस ने उन्हें वहीं कुर्सी पर बैठने का आग्रह किया तो संत ने कहा, हम इन सब चीजों का त्याग कर चुके हैं। इसके बाद संत नीचे जमीन पर ही बैठ गए। उनके साथ अन्य संघ संत और समाजजन भी थे वे भी सब नीचे जमीन पर संत के साथ बैठ गए।

यह है आरोप

आचार्य सुब्रतसागर महाराज के शिष्य उमेश जैन ने लिखित में शिकायत गांधी नगर थाना में की।इसमे लिखा कि कल 13 अप्रैल की रात 11 बजे कुछ लोग आए और उन्होंने मंदिर परिसर में जहां संत निवास है वहां पत्थर फेंके और तोड़फोड़ की कोशिश की गई और कहा कि तुम सब लोग यहां से भाग जाओ नहीं तो ठीक नहीं होगा।

तुम सब लोगों को कलंकित कर दिया जाएगा, चरित्रहीनता के आरोप में फंस जाओगे। तुम सबको कपड़े पहना दिए जाएंगे, अब खाना तो क्या पानी भी नहीं मिलेगा और ज्यादा कुछ करोगे तो जान से मार दिए जाओगे। इस तरह का पत्र संत उमेश जैन ने पुलिस गांधी नगर को दिया। आचार्य सुब्रतसागर महाराज के बयान भी हुए।

पुलिस ने बकायदा सम्मान के साथ रिपोर्ट लिखी, पुलिसकर्मी झुककर संत के बयान लेते रहे। गांधी नगर थाने पर जैन समाज के अतुल बघेरवाल, चिराग गोधा, संजय पाटोदी भी पहुंचे और उन्होंने भी संत का साथ दिया। और कहा कि जयपुर का एक ट्रस्ट मंदिर पर काबिज करने के लिए वर्तमान संत सुब्रतसागर महाराज को यहां से हटाने की साजिश रची जा रही है, जिसे जैन समाज कामयाब नहीं होने देगा।

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