एमआई थाने में फांसी, टीआई की याचिका खारिज,ज्यूडिशियल जांच रिपोर्ट को दी थी चुनौती

इंदौर। एमआईजी थाने में एक कोर्ट कर्मचारी द्वारा लगाई गई फांसी मामले में तत्कालीन टीआई एमए सैयद द्वारा दायर याचिका मंगलवार को जस्टिस विवेक रुसिया की बेंच ने खारिज कर दी।

इस याचिका को मामले की न्यायिक जांंच को लेकर आई रिपोर्ट को चुनौती दी गई थी।

इस मामले में हुई बहस के दौरान मृतक पंकज की मां फूलकुंवर बाई की ओर से टीआई की याचिका पर अधिवक्ता अजय मिमरोट
गगन बजाड़ द्वारा आपत्ति ली गई थी।

दोनों पक्षों के तर्क सुन कर कोर्ट ने कहा कि चूंकि इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर उक्त टीआई व अन्य के विरुद्ध सीआईडी पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज
कर विवेचना की जा रही है।

इसके चलते अब इस याचिका का कोई औचित्य नहीं रह गया है। कोर्ट ने ये स्वतंत्रता दी कि वे चाहे तो उक्त एफआईआर को अलग से चलेंज कर सकते है।

इसी मामले को लेकर फूलकुंवर बाई की ओर से दायर अन्य याचिका फिलहाल लंबित है।

सदोष मानव वध माना था

उल्लेखनीय है कि इस मामले की न्यायिक जांच तत्कालीन जेएमएफसी जितेन्द्र सिंह कुशवाह द्वारा की गई थी।
अपनी रिपोर्ट में उन्होंने इस घटना को सदोष मानव वध मानते हुए तत्कालीन टीआई एमए सेयद व अन्य के विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की थी। टीआई सेयद ने इस जांच रिपोर्ट को चुनौती दी थी। यह था मामला तकरीबन दो साल पहले एमआईजी थाने में 25 वर्षीय पंकज पिता विष्णुदास
वैष्णव निवासी नया बसेरा फिरोज गांधी नगर को चोरी के वाहन के एक मामले में पूछताछ के लिए लाए थे। पंकज जिला कोर्ट में कर्मचारी था। इसी दौरान उसकी लाश वहां के बाथरुम में फांसी पर लटकी मिली थी

पुलिस ने इसे जूते की लेस से फांसी लगाकर खुदकुशी बताया था जबकि परिजनों का आरोप था कि बुरी तरह मारपीट से उसकी मौत हुई और हत्या का मामला दबाने के लिए पुलिस इसे आत्महत्या बता रही हे: प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अफसरों ने टीआई सेयद व अन्य को सस्पेंड कर दिया था

और मामले की न्यायिक जांच आदेशित हुई थी।

Spread the love

इंदौर