Jan 24 2019 /
12:55 PM

इंदौर की हर्षिता दुनिया से विदा होने के बाद भी 6 लोगों को जीवनदान दे गई

इंदौर। अंगदान (केडवर ऑर्गन डोनेशन) के क्षेत्र में इंदौर ने बुधवार को एक बार फिर से इतिहास रचा। इंदौर की हर्षिता दुनिया से विदा होने के बाद भी 6 लोगों को जीवनदान दे गई।

इंदौर में बुधवार दोपहर एक साथ तीन ग्रीन कॉरिडोर बनाकर हार्ट और लंग्स मुंबई, जबकि लिवर सीएचएल और किडनी चोइथराम अस्पताल भेजा गया। इंदौर में पिछले 38 माह में 36वीं बार ग्रीन काॅरिडोर बना।

बॉम्बे अस्पताल के मेडिकल सुप्रीटेंडेंट दिनेश सिंह चौहान व डॉ. अमित जोशी ने 18 दिसंबर शाम 6.30 मिनट पर हर्षिता को पहला ब्रेन डेथ घोषित किया। मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात 1.15 पर दूसरा ब्रेन डेथ घोषित किया।

बुधवार सुबह 10 बजे अंगदान की प्रक्रिया शुरू हुई। अलग-अलग अस्पतालों में अंगों को पहुंचाने के लिए बुधवार को तीन ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए।

दोपहर 3 बजकर 49 मिनट पर पहला ग्रीन कॉरिडोर बॉम्बे अस्पताल से एयरपोर्ट के लिए सुपर कॉरिडोर पर बनाया गया। 17 मिनट 38 सेकंड में दिल व फेफड़े एयरपोर्ट पहुंचाए। इस दौरान पूरा यातायात 18 मिनट तक रोका गया।

दूसरा ग्रीन कॉरिडोर 4 बजकर 10 मिनट पर सीएचएल अस्पताल के लिए बनाया गया। बीआरटीएस से होते हुए एंबुुलेंस 4 मिनट 15 सेकंड में एक लिवर लेकर सीएचएल अस्पताल पहुंची। इसके बाद शाम 5 बजकर 30 मिनट पर तीसरा ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया।

बीआरटीएस होते हुए 13 मिनट में एंबुलेंस एक किडनी लेकर चोइथराम अस्पताल पहुंची।हर्षिता का दिल व फेफड़े मुंबई के फोर्टिस अस्पताल में 26 वर्ष की एक युवती को लगाए गए।

एक किडनी चोइथराम अस्पताल में 42 वर्ष के पुुरूष को, दूसरी किडनी बॉम्बे अस्पताल में 50 साल की महिला को व सीएचएल अस्पताल में लिवर 57 साल के पुरूष को लगाया गया है।

ब्रेन हेमरेज हुआ था हर्षिता को

36 साल की हर्षिता को एक हादसे में ब्रेन हेमरेज होने के बाद से वह अस्पताल में भर्ती थी। ब्रेन डेथ होने पर परिजन ने हर्षिता की इच्छा के अनुसार उसके अंगदान किए।

उसकी इच्छा अनुसार एक किडनी बॉम्बे अस्पताल, एक किडनी चोइथराम अस्पताल, लिवर सीएचएल अस्पताल व आंख आई इंटरनेशनल बैंक को दान की गई। दिल व फेफड़े मुंबई के फोर्टिस अस्पताल भेजे गए।

प्रदेश में पहली बार फेफड़े दान किए गए हैं। जूना रिसाला निवासी हर्षिता कौशल को गत 17 दिसंबर को ब्रेन हेमरेज होने पर बॉम्बे अस्पताल में भर्ती किया गया था।

परिजन के अनुसार वह अपने बीमार भाई को अस्पताल ले जाने के लिए तैयार हुई थी। इसी दौरान उसे चक्कर आ गया। बड़े भाई उसे बॉम्बे अस्पताल लेकर पहुंचे।

डॉक्टरों ने बताया कि उसे ब्रेन हेमरेज हुआ है। उसकी स्थिति में सुधार न होने पर परिजन ने अंगदान की इच्छा जाहिर की। इस पर मुस्कान ग्रुप के जीतू बगानी, संदीपन आर्य आदि ने सारी प्रक्रिया कराई।

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