बच्चों की प्रतिभा को पहचाने और सही दिशा दें- डीआईजी

इंदौर प्रेस क्लब मेधावी बच्चों का सम्मान समारोह

इंदौर। बच्चों के अंदर असीमित क्षमता और उर्जा होती है। उनकी अभिरुचियों को पहचानने का काम अभिभावक और शिक्षक से बेहतर कोई नहीं कर सकता है। अत: ये दोनों वर्ग बच्चों के सर्वांगीण विकास में महती भूमिका अदा करते हैं।

आज बदलते परिवेश और तकनीक के चलते कैरियर के क्षेत्रों में असीमित वृद्धि हुई है। अत: केवल डॉक्टर, इंजीनियर, सिविल सेवा के अलावा भी कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां बच्चे अपना उज्जवल भविष्य बना सकते हैं। यह बात रविवार कैब डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्रा ने कही।

वे इंदौर प्रेस क्लब द्वारा मीडिया के साथियों के मेधावी बच्चों का सम्मान समारोह ‘काबिलियत को सलाम में बोल रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि बच्चे अपने मन से इस धारणा को निकाल दें
कि हमारे परिवार से कोई महान या प्रतिभाशाली कलाकार या खिलाड़ी नहीं बना तो हम कैसे बन सकते हैं। इस दिशा में प्रयास करना ही छोड़ देते हैं, जबकि ऐसा नहीं है।

आइंस्टीन को शिक्षकों ने मंदबुद्धि बालक बताया था, लेकिन परिवार ने उसकी रुचियों को पहचाना और बाद में यही आइंस्टीन दुनिया का सबसे बड़ा वैज्ञानिक और सर्वाधिक आईक्यू वाला व्यक्ति बना।

समारोह में मीडियाकर्मियों के कक्षा 5वीं से 12वीं तक के बच्चों का सम्मान किया गया। जिन्होंने वर्ष 2017-18 की वार्षिक परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले इस समारोह में कुल 60 बच्चों का सम्मान प्रेस क्लब की ओर से किया गया।

अध्यक्षता करते हुए अग्निबाण के प्रबंध संपादक राजेश चेलावत ने कहा कि अकादमिक शिक्षा के साथ अनुभव व व्यावहारिक शिक्षा आवश्यक है। जरूरी नहीं कि कोई विद्यार्थी अंकों के आधार पर ही प्रतिभाशाली हो। वे दूसरे क्षेत्र में भी आगे हो सकते हैं।

जरूरत है हमें उन विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने की, जो अकादमिक दृष्टि से भले ही कमजोर रहे हों, लेकिन व्यवहारिक ज्ञान के मामले में बहुत आगे रहे। ऐसे बच्चों ने ही आगे जाकर बड़ी-बड़ी कामयाबी हासिल की।

श्री चेलावत ने आगे कहा कि हमें इस बात पर भी चिंता करने की आवश्यकता है कि जो बच्चे तमाम कोशिशों के बावजूद भी अंकों के आधार पर आगे नहीं निकल पाते और अपने आपको असफल मानकर अवसाद में चले जाते हैं, जिसके कारण वे खुदकुशी जैसा कदम उठा लेते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की सबसे अच्छी पाठशाला माता-पिता होते हैं, क्योंकि वे अपने बच्चों की रुचि और क्षमता को बहुत जल्दी पहचानते हैं।

आरंभ में स्वागत भाषण देते हुए प्रेस क्लब अध्यक्ष अरविंद तिवारी ने कहा कि आज प्रतिस्पर्धा का दौर है, और ऐसे में चुनौतियां भी बहुत हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए ज्यादा से ज्यादा मेहनत की जरूरत है। तकनीकी दौर में अधिक से अधिक नॉलेज प्राप्त करें, तभी उनके और परिवार के सपने पूरे हो पाएंगे।

अतिथियों का स्वागत प्रेस क्लब के महासचिव नवनीत शुक्ला, सचिव हेमन्त शर्मा, कोषाध्यक्ष दीपक कर्दम ने किया। कार्यकारिणी सदस्य सूरज उपाध्याय, संजय त्रिपाठी, राहुल वावीकर और रजनी खेतान ने अतिथियों को स्मृति चिह्न प्रदान किए। संचालन प्रदीप जोशी ने किया एवं आभार प्रेस क्लब महासचिव नवनीत शुक्ला ने माना।

कार्यक्रम में पद्मश्री भालू मोढें, इंदौर प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष कृष्णकुमार अष्ठाना, सतीश जोशी, शशीन्द्र जलधारी, जीवन साहू, ओमी खंडेलवाल, शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रमोद टंडन, वरिष्ठ भाजपा नेता गोविन्द मालू, कांग्रेस के कार्यकारी शहर अध्यक्ष विनय बाकलीवाल, पार्षद रत्नेश बागड़ी, ललित पोरवाल, अभ्यास मंडल के रामेश्वर गुप्ता, महेश भाई, संजय जोशी, राजेश चौकसे, गिरधर नागर, अनिल यादव, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संपर्क प्रमुख विनय पिंगले, नगर प्रमुख कैलाश पेशवानी, हिन्दू जागरण मंच के विभाग प्रमुख हेमन्त टेगे के साथ ही मीडियाकर्मी एवं बच्चों के अभिभावक उपस्थित थे।

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