इंदौर में कई सालों से दिन में थानों में ड्यूटी और रात में सुंदर कांड का पाठ करते हैं पुलिसकर्मी

इंदौर। (कीर्ति राणा)। विभिन्न थानों में पदस्थ ऐसे कई पुलिसकर्मी हैं जो थाने की ड्यूटी पूरी करने के बाद रात में सुंदर कांड के पाठ में नियमित हाजिरी लगाते हैं। यह सिलसिला बीते चार दशक से भी अधिक समय से चल रहा है। इन पुलिस कर्मियों को प्रेरित करने से लेकर शहर में रामायण मंडलों के गठन के लिए प्रेरित करने का श्रेय लकड़ी पीठा व्यवसायी-गांधीनगर रामायण मंडल के संचालक (स्व) रघुवीर सिंह चौहान को जाता है।


आमजन में पुलिसकर्मियों की बनी छवि से उलट रामायण मंडलों में हाजिरी लगाने वाले सैकड़ों पुलिस कर्मी वर्षों से सुंदर कांड पाठ के माध्यम से रामायण के प्रचार प्रसार में तो जुटे ही हैं पुलिस की बेहतर छवि बनाने में भी सहयोग कर रहे हैं। ट्रैफिक थाने के समीप एमटीएच कंपाउंड स्थित दुर्गा माता मंदिर की स्थापना से लेकर सौंदर्यीकरण का कार्य में भी पुलिसकर्मियों की मुख्य भूमिका रही है।


लंबे समय पंढरीनाथ, एमजी रोड, मल्हारगंज थाने में एसआई रहे और गौतमपुरा टीआई पद से सेवानिवृत्त हुए कुंजनसिंह बुंदेला कहते हैं कि चौथी पल्टन रामायण मंडल सहित अधिकांश रामायण मंडलों की स्थापना का श्रेय स्व रघुवीर सिंह चौहान को जाता है।

कर्फ्यू और सांप्रदायिक तनाव आदि के दौरान जब ड्यूटी से मुक्त नहीं हो पाते थे बस उन्हीं दिनों सुंदर कांड नहीं कर पाए बाकी तो सतत 41 वर्षों से सिलसिला चल रहा है। जिन पुलिस कर्मियों की रात में ड्यूटी रहती है उनके लिए टीआई, सीएसपी भी कई बार सदाशयता दिखा देते हैं कि पाठ करने ही तो जा रहे हैं।


शुरुआती दौर में पांच मंडल थे गांधीनगर मंडल, पाटनीपुरा मंडल, बाणगंगा मंडल व नेहरु नगर मंडल। पुलिसकर्मियों-परिजनों की भागीदारी वाले चौथी पल्टन रामायण मंडल की स्थापना स्व बालमुकुंद सिंह तोमर, दूसरी पल्टन मंडल की स्थापना राम निवास शुक्ला ने की है।

अभी 100 से अधिक मंडल हैं। पुलिसकर्मी सुरेंद्र सिंह भदोरिया, कमल जाट, कैलाश जाट, कैलाश मिश्रा, विजय तिवारी, गेंदालाल पाल, रामकिशोर पांडे, प्रमोद दुबे ( संचालक), शरद, गोपी, लक्ष्मण सिंह राठौर, केशव राव खेड़कर, श्रीधर झरकर, कैलाश चौधरी, रामनारायण मालवीय, देवेंद्र सिंह राठौर, विपिन, रिंकू राठौर, अभिषेक सिंह आदि शनिवार, मंगलवार को विभिन्न परिवारों में निशुल्क पाठ करते हैं।

हजारों घरों में तो विजयवर्गीय ही गा चुके हैं भजन

अयोध्या कहे जाने वाले क्षेत्र क्रमांक 4 से विधानसभा चुनाव लड़ने के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने एक सभा में कहा था कि वे इंदौर में 10 हजार घरों में भजन गा चुका हूं। मंडलों में भजन गायक के साथ ही विजयवर्गीय की जनप्रिय छवि बनाने वाले (स्व) रघुवीर सिंह चौहान गांधीनगर से साइकल पर आते थे और शहर में होने वाले रामायण पाठ में एक भजन गाने जरूर पहुंचते थे। पत्रकार नारायण भूतड़ा बताते हैं मृत्युपर्यंत उन्होंने करीब 50 हजार घरों में पाठ के दौरान भजन गाए हैं।


पितृ पर्वत पर भी सक्रिय भूमिका
पितृ पर्वत पर होने वाली हनुमान जी की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव से पहले सवा लाख सुंदरकांड पाठ के लिए सभी रामायण मंडलों की भागीदारी तय करने का दायित्व भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और विधायक रमेश मेंदोला ने बुंदेला को सौंप रखा है। पितृ पर्वत पर 14 फरवरी से सुबह 10 से रात 9 बजे तक विभिन्न मंडलों से जुड़े कार्यकर्ता पाठ कर रहे हैं। चौथी पलटन रामायण मंडल 20 फरवरी को अपनी प्रस्तुति देगा।

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