न्यायालय न जजों का, ना वकीलों का, वह आम जनता का है-जस्टिस मिश्रा

पिपलिया हाना में नई जिला कोर्ट बिल्डिंग का उद्घाटन

इंदौर। सुप्रीम कोर्ट जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा है कि न्यायालय ना तो जजों का है, ना वकीलों का बल्कि यह देश की आम जनता का है जो यहां न्याय की आस लिए यहां आती है। शनिवार को जस्टिस मिश्रा इंदौर की नई जिला कोर्ट बिल्डिंग के भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान अम्बर कन्वेंशन हाल में आयोजित समारोह में संबोधित कर रहे थे। इसके पूर्व पिपलियाहाना में नई जिला कोर्ट बिल्डिंग का भूमि पूजन हुआ। यहां पर लगभग 411 करोड़ करोड़ की लागत से 9 मंजिला सर्वसुविधायुक्त नई कोर्ट बिल्डिंग 30 माह में तैयार होगी। लोकसभा अध्यक्ष ताई सुमित्रा महाजन ने कुदाली चलाकर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में जस्टिस मिश्रा के अलावा मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस हेमंत गुप्ता, जस्टिस PK जायसवाल, जस्टिस jk माहेश्वरी, जस्टिस एससी शर्मा व अन्य जजेस उपस्थित थे। समारोह में संबोधित करते हुए जस्टिस मिश्रा ने कहा कि देवी अहिल्या ने न्याय का आधार तैयार किया था। जो अधिवक्ता देश के संविधान की रक्षा करते है उनकी नैतिक ज़िम्मेदारी है कि वो निष्ठा से कार्य करें, पैसे के पीछे नही भागे।

मौजूदा बिल्डिंग भी कोर्ट के काम आएगी-ताई

अपने उद्बोधन में लोकसभा अध्यक्ष इंदौर की सांसद सुमित्रा महाजन ने कहां कि जिस तरह से शहर बढ़ रहा है उसे देखते हुए आने वाले वर्षों की आवश्यकता अनुसार नई कोर्ट बिल्डिंग आवश्यक थी। उन्होंने हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस JK माहेश्वरी का इस बात के लिए आभार माना कि उनके सुझाव को उन्होंने स्वीकृति दी है कि मौजूदा जिला कोर्ट की जो बिल्डिंग है, उसका उपयोग कोर्ट के लिए ही होगा। ताई ने इस नई बिल्डिंग के निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए जस्टिस माहेश्वरी के साथ अतिरिक्त महाधिवक्ता मनोज द्विवेदी के प्रयासों की भी सराहना की। देखिए जस्टिस मिश्रा और ताई ने क्या कहा, इनके वीडियो-

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