काकी जी पंचतत्व में विलीन

इंदौर।

अनुकरणीय निर्णय लिया

भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने लिया एक अनुकरणीय निर्णय उन्होंने सामाजिक और रूढ़िवादी परम्पराओ से अलग हटकर अपनी स्वर्गीय माताजी को पूरे दुल्हन के श्रृंगार के साथ विदा करने का निर्णय लिया।
परिवार के सभी सदस्यों ने उनके इस निर्णय का समर्थन किया।
हिन्दू परम्पराओ के मुताबिक विधवा महिला का अंतिम संस्कार उसी तरह के वस्त्रों में किया जाता है।

रविवार को हज़ारो शोकाकुल लोगो की मौजूदगी में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की 93 वर्षीय मां अयोध्यादेवी विजयवर्गीय का अंतिम संस्कार किया गया।

गत शनिवार देर रात उनका निधन हो गया था। वे कुछ समय से बीमार थीं ओर छह दिन से अस्पताल में इलाज चल रहा था। रविवार को सुबह 11 बजे नंदा नगर से निकली अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए।

मालवा मिल मुक्तिधाम पर स्व. अयोध्यादेवी का शरीर पंचतत्व में विलीन हुआ।

काकीजी के नाम से जानी जाने वाली अयोध्यादेवी ने कम उम्र में ही महिला रामायण मंडल की स्थापना की थी। इस मंडल ने नंदानगर और आसपास के क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियों को काफी तेजी से बढ़ाया था।

स्व. अयोध्या बाई को श्रद्धांजलि देने लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, भाजपा नेता शहनाज हुसैन, महापौर मालिनी गौड़, संभागायुक्त राघवेंद्र सिंह,

कलेक्टर निशांत वरवड़े, डीआईजी हरिनारायण चारी मिश्रा सहित बड़ी संख्या में भाजपा व कांग्रेस नेता पहुँचे थे।

न्यूज़ पोर्टल तेज़ समाचार भी आदरणीय काकीजी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता है।

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इंदौर