मनी सेंटर के ताले खुलेंगे, तोड़ा भी नही जाएगा

हाई कोर्ट ने एसडीएम के आदेश पर किया स्टे, नोटिस, 7 जुलाई के पहले की स्थिति कायम रहेगी

इंदौर। रणजीत हनुमान मंदिर के समीप स्थित बहुमूल्य मनी सेंटर (कमर्शियल काम्प्लेक्स) मामले में इंदौर विकास प्राधिकरण को बुधवार को हाई कोर्ट से झटका लगा है। एसडीओ के आदेश पर स्टे करते हुए कोर्ट ने 7 जुलाई के पूर्व की स्थिति कायम रखने को कहा है और IDA सीईओ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जस्टिस पीके जायसवाल और जस्टिस एसके अवस्थी की डिवीजन बेंच उक्त स्टे किया। इसे लेकर डॉ सजनी बजाज की ओर से सीनियर एडवोकेट एके सेठी ऒर सुमित संवत्सर द्वारा याचिका दायर की गई हैं।

सीनियर एडवोकेट सेठी ने बताया कि कोर्ट ने 7 जुलाई के पूर्व की स्थिति कायम रखने का कहा है, अर्थात कोर्ट के अगले आदेश तक सभी दुकानों के ताले खुलेंगे, वहाँ होने वाला सामान्य कामकाज होगा और किसी तरह की तोड़फोड़ (डिमोलीशन) नहींकी जाएगी कोर्ट ने IDA सीईओ को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने IDA द्वारा जिस तरीके से कब्जा लेने की ताबड़तोड़ कार्रवाई की उस पर सवाल उठाया।कोर्ट ने इसे गम्भीरता से लेते हुए उक्त स्टे कर नोटिस जारी किए। शनिवार को कब्ज़ा लिया था उल्लेखनीय हैं कि IDA ने गत शनिवार 7 जुलाई को SDO के बेदखली के आदेश पर यहां कब्ज़ा लिया था। इस मनी सेंटर (कमर्शियल कॉम्प्लेक्स) से कब्जे की करवाई के दौरान कई दुकानदारो ने विरोध किया था तो इन्हें पुलिस ने बलपूर्वक वहां से हटा दिया था

ये है मामला
आईडीए ने स्वास्थ्य उपयोग के लिए प्लॉट दिया था। इसकी बजाय यहां कमर्शियल मनी सेंटर बना लिया गया। कानूनी लडाई जितने के बाद IDA ने यहां के सभी दुकानदारों और आवंटियों को नोटिस जारी किए थे। बेदखली अधिनियम के तहत जारी आदेश के मुताबिक सभी दुकानदारों को अपनी दुकानें खाली करना थी। बेदखली के नोटिस मिलने के बाद दुकानदारों ने आईडीए से गुहार की थी कि उन्हें स्वास्थ्य उपयोग का व्यवसाय करने की अनुमति दे, लेकिन आईडीए नही माना। आईडीए ने योजना-71 में डॉक्टर सजनी बजाज को मेडीकल उपयोग का एक प्लॉट आवंटित किया था। बजाज ने इस प्लॉट पर हास्पिटल नहीं बनाते हुए बॉबी छाबड़ा के साथ अनुबंध करते हुए एक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बना दिया। इसकी सारी दुकानें बेच दी गई।

इन दुकानों में ज्वेलर्स, कपड़ा, स्टेशनरी व अन्य व्यवयाय हो रहे हैं। शिकायत मिलने पर जांच हुई और आइडीए ने लीज निरस्त कर दी। कुल 24 हजार वर्ग फीट का प्लॉट सजनी बजाज के नाम पर हेल्थ उपयोग के लिए जून 1995 को आवंटित किया गया था। इसके बाद मामला तब बिगड़ा जब नगर निगम ने कमर्शियल कॉॅम्प्लेक्स बनाने की अनुमति दी। बाद में 24 हजार वर्ग फीट के प्लॉट पर 50 हजार वर्ग फीट का निर्माण कर लिया गया था। कानूनी लड़ाई जीतने के बाद गत शनिवार को IDA ने कब्जा ले लिया था लेकिन आज फिर उसकी कारवाई पर स्टे हो गया।

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