Sep 19 2019 /
4:18 PM

इंदौर नगर निगम के बजट में कोई नया कर नही, 96.79 करोड़ के घाटे का बजट

इंदौर। इंदौर नगर निगम के बुधवार को पेश बजट में कोई नया कर नही लगाया गया है। 96.79 करोड़ के घाटे का यह बजट है। मेयर के रूप में मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ ने आज अपने इस कार्यकाल का आखिरी और पांचवां बजट जारी करते हुए जानकारी दी कि 5 हजार 647 करोड़ 18 लाख 10 हजार रुपए की आय नगर निगम को इस वित्तीय वर्ष में होगी।

5 हजार 574 करोड़ 40 लाख 68 हजार के खर्च होंगे। इसमें पांच फीसदी अतिरिक्त पैसा शामिल करने के बाद 96 करोड़ 79 लाख 56 हजार रुपए का घाटा होगा। मेयर ने एक तरह से यह चुनावी बजट पेश किया है जिसमे कोई नया टैक्स नहीं बढ़ाया, नया कर भी नहीं लगाया और जो स्मार्ट सिटी के पुराने काम चल रहे हैं, उन्हें आगे बढ़ाने की बात कही गई है। मेयर ने दावा किया कि शहर में चल रहे काम दिसंबर तक सब पूरे हो जाएंगे।

महापौर मालिनी गौड़ ने बताया कि इंदौर को स्वच्छता में तीन बार अवार्ड दिला कर हमने इंदौर का नाम पूरे देश ही नहीं पूरे विश्व में रोशन किया है। पंद्रह सौ से ज्यादा कचरा पेटी हटाई, एक हजार से अधिक खुले स्थानों पर कचरे के ढेर शहर में दिखाई देते थे। यूनाइटेड नेशन ने बैंकॉक में इंदौर को एशिया पेसिफिक देशों के शहरों के लिए इंदौर को रोल मॉडल घोषित किया है। उत्तर प्रदेश सहित कई राज्य सरकारों ने भी इंदौर को रोल मॉडल बताया है।

गौड़ ने कहा कि अब हर रोज निकलने वाले कचरे को हमें कम करना है। 2020 तक हमारा लक्ष्य होगा कि हम कैसे कचरा कम से कम उत्पन्न हो इसी योजना पर काम करें, चार हजार से अधिक घरों पर सूखे कचरे को रखने के लिए बड़े बैग उपलब्ध कराए, एनजीओ के माध्यम से हम ढाई से तीन रुपए किलो कचरा खरीद रहे हैं। हर घर को सत्तर से सौ रुपए महीना कचरा बेचने से मिलेगा। ऐसी व्यवस्था की जा रही है, ताकि हम एक लाख परिवारों को इस साल के आखिरी तक जीरो वेस्ट श्रेणी में ला दें।

इंदौर शहर से रोजाना निकलने वाला तीन सौ मैट्रिक टन कचरा कम करने का काम शुरू कर दिया है। नर्मदा परियोजना के लिए सौ मेगावाट क्षमता का सोलर एनर्जी प्लांट लगाए जाने का तकनीकी परीक्षण हो चुका है। 500 करोड़ इस पर खर्च होंगे।

लालबाग पैलेस का संपूर्ण विकास होगा जिस पर 15 करोड़, कच्चा-पक्का पैदल पथ, गार्डन का विकास करेंगे। सौ करोड़ की लागत से मेयर मॉनिटरिंग सेल के प्रोजेक्ट दिसंबर 2019 तक पूरे हो जाएंगे। 29 गांवों को जोड़ने के लिए एमआर-3,5,9,11 और आरई-2 को बनाने का काम निगम करेगा। बेटरमेंट चार्ज लेकर इन्हें बनाया जाएगा।

कुल 20 किमी लंबाई की यह सड़कें 180 करोड़ से बनाई जाएगी। शार्ट टर्म लोन लेकर इन्हें बनाएंगे, जिसका 100 करोड़ का प्रावधान है। कान्ह शुद्धिकरण के लिए 434 आउट फाल्स मिले हैं। सितंबर 2019 तक यह ट्रेप कर दिए जाएंगे। 6 एसटीपी प्लांट जो बनाए जा रहे हैं। यह काम भी नवंबर तक पूरे हो जाएंगे।

शहर के 20 पुल-पुलियाओं का काम अगले 6 महीने में पूरा होगा। इसके लिए 50 करोड़, 50 करोड़ अन्य पुलियाओं के लिए। जवाहर मार्ग ब्रिज हमने साढ़े 3 महीने में पूरा किया। मुक्तिधामो का भी विकास होगा।

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