Oct 21 2019 /
1:12 AM

इंदौर-खंडवा मार्ग सहित बारिश से क्षतिग्रस्त सभी सड़कें 15 अक्टूबर तक दुरस्त करें, इंदौर के सभी 22 तालाबों का सीमांकन करें, कमिश्नर त्रिपाठी के निर्देश

इंदौर। इंदौर के संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी ने शुक्रवार को दो अलग अलग महत्वपूर्ण बैठकें ली। इसमे उन्होंने निर्देश दिए कि
इंदौर-खंडवा मार्ग सहित बारिश से क्षतिग्रस्त सभी सड़कें 15 अक्टूबर तक दुरस्त करें और इंदौर के सभी 22 तालाबों का सीमांकन किया जाए।

पहली बैठक में कमिश्नर त्रिपाठी ने निर्देश दिये कि बारिश से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत, पेचवर्क और नवीनीकरण का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाये। उन्होंने समय सीमा तय करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि सड़कों की मरम्मत और पेचवर्क का कार्य 15 अक्टूबर तक तथा सड़क नवीनीकरण का कार्य नवम्बर माह के अन्त तक हर हाल में पूरा कर लिया जाये। इंदौर-खण्डवा मार्ग की मरम्मत का कार्य प्राथमिकता से किया जाये।

संभागायुक्त त्रिपाठी ने संभागायुक्त कार्यालय में सड़क निर्माण से जुड़े सभी विभागों के अधिकारियों की संयुक्त बैठक ली। इस बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग, पीडब्ल्यूडी, मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण, मध्यप्रदेश सड़क विकास प्राधिकरण, नगर निगम तथा इंदौर विकास प्राधिकरण के अधिकारी बैठक में मौजूद थे।

बैठक में संभागायुक्त त्रिपाठी ने विभागवार सड़कों की मरम्मत, पेचवर्क तथा नवीनीकरण के लिये किये जाने वाले कार्यों की समीक्षा की। इस अवसर पर बताया गया कि सड़कों की मरम्मत, पेचवर्क के लिये पर्याप्त मात्रा में डामर सहित अन्य संसाधन उपलब्ध हैं। एक-दो दिन पश्चात बारिश समाप्त होते ही सड़कों की मरम्मत और पेचवर्क का कार्य शुरू कर दिया जायेगा। सड़कों की मरम्मत एवं सड़कों के नवीनीकरण के लिये कारगर एवं त्वरित कार्यवाही की जा रही है।

सड़कों की मरम्मत एवं नये सड़कों के निर्माण के लिये कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। त्रिपाठी ने सड़कों की मरमत तथा निर्माण से जुड़े अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा कि जहां पेचवर्क करें तो उसका सही माप से करें तथा निर्धारित माप और मानक के अनुसार पेचवर्क किया जाये। गड्ढा दिखाई नहीं दें।

उन्होंने कहा कि इंदौर से बड़वाह-खण्डवा रोड का 15 दिन में मरम्मत का कार्य हो जाये। इंदौर की ओर से 27 सितंबर से कार्य शुरू कर 15 अक्टूबर तक कार्य पूर्ण कर लिया जाये। खण्डवा रोड के नवीनीकरण का कार्य नवंबर अंत तक पूर्ण कर लें। प्राथमिकता से खण्डवा रोड की मरम्मत, पेचवर्क तथा नवीनीकरण का कार्य करें।

बैठक में बताया गया कि अक्टूबर माह में इंदौर में इन्वेस्टर समिट का आयोजन प्रस्तावित है। इस गरिमामय आयोजन में बड़ी संख्या में औद्योगिक निवेशक आएंगे। इस आयोजन के मद्देनजर सड़कों की मरम्मत का कार्य शहर में भी हर हाल में अक्टूबर के पहले-दूसरे सप्ताह में पूरा कर लिया जाये। उन्होंने इंदौर-देवास बायपास रोड पर राऊ से लेकर बेस्ट प्राइज तक के सर्विस रोड के सुधार कार्य भी करने के निर्देश दिये।

बनेडिया तालाब पर कृषि पट्टे पर रोक

एक अन्य बैठक में संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी ने इंदौर तथा इसके आसपास के क्षेत्र में स्थित सभी तालाबों के सीमांकन के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सीमांकन का कार्य एक माह में पूरा हो जाये। सीमांकन के पश्चात मुनारे (सीमांकन चिन्ह) लगाये जायें। तालाबों की सुरक्षा के लिये वहां फेन्सिंग की जाये। तालाब के आसपास वृक्षारोपण तथा उसकी छोटी-मोटी रिपेयरिंग के कार्य भी कराये जायें। गत दिनों तालाबों की चैनल की साफ-सफाई, खुदाई तथा अवरोध हटाने के अच्छे परिणाम भी सामने आये हैं। जिन तालाबों में उक्त कार्य कराये गये, उनमें पर्याप्त पानी भर गया है।

बैठक में तालाबों से जुड़े अधिकारियों और नगर निगम, इंदौर विकास प्राधिकरण, जिला प्रशासन के अफसर शामिल हुए।। बैठक में बताया गया कि इंदौर तथा इसके आसपास कुल 22 तालाब हैं। इसके अलावा मास्टर प्लान सीमा में कुल 15 रिसाव क्षेत्र चिन्हित हैं।

संभागायुक्त त्रिपाठी ने इन सभी के राजस्व तथा अन्य रिकार्ड एकत्रित करने के निर्देश दिये। उन्होंने शासकीय रिकार्ड से मिलान करने तथा तालाबों और राजस्व क्षेत्रों का व्यापक सर्वे तथा सीमांकन करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सीमांकन के पश्चात खसरे में उसकी इन्ट्री भी की जाये। तालाबों का दस्तावेजीकरण किया जाये। तालाबों के सीमांकन के पश्चात सीमा चिन्ह, मुनारे भी मानक के अनुसार लगाये जायें। तालाबों की सुरक्षा के लिये फेन्सिंग और वृक्षारोपण का कार्य कराया जाये।

इंदौर शहर में यह कार्य नगर निगम और ग्रामीण क्षेत्र में जिला पंचायत द्वारा कराने के निर्देश दिये। उन्होंने जनभागीदारी लेने की बात भी कही। सीमांकन के पश्चात सीमांकित क्षेत्र की जियो फेन्सिंग भी की जायेगी। बैठक में बताया गया कि इंदौर में बनेड़िया सबसे बड़ा तालाब है। इस तालाब में वर्तमान में जल संसाधन विभाग द्वारा कृषि कार्य के लिये किसानों को पट्टे दिये जा रहे हैं। संभागायुक्त श्री त्रिपाठी ने कहा कि उन्हें सूचना मिली है कि तालाब की भूमि कृषि कार्य के लिये पट्टे पर देने से तालाब के मूल स्वरूप, उसकी जल क्षमता तथा सुरक्षा प्रभावित हो रही है।

संभागायुक्त ने इसके मद्देनजर पट्टे देने के कार्य पर रोक लगाये जाने के संबंध में निर्देश दिये। उन्होंने राऊ तालाब को नगर परिषद राऊ को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव तैयार करने के संबंध में भी निर्देश दिये। यह तालाब अभी जल संसाधन विभाग के आधिपत्य में है।

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