Mar 21 2019 /
7:34 AM

रशियन युवती ने इंदौर में यही के युवक से आर्य समाज पद्धति से किया विवाह

इंदौर। रसिया के नोवोर्सबिक में रहने वाली एक युवती आना मिनियारोव ने इंदौर के एक युवक से आर्य समाज पद्धति से शादी रचाई। इस युवती ने ना केवल भारतीय सनातन धर्म को जाना और उसकी गहराइयों में उतरी बल्कि उसने अपना नाम भी बदलकर अनंतकीर्ति कर लिया।

उसने केवल अपना नाम ही नहीं, बल्कि जीवन की दिशा ही बदल दी। भारतीय धर्म, वेद-पुराण, अद्वैतवाद और कृष्ण नीतियों को जाना तो रशियन कल्चर को छोड़ भारतीय धर्म अपना लिया। गुरु से दीक्षा ली और कृष्ण भक्ति में लीन हो गईं। वो उषाकाल में उठकर 16 बार विष्णु की माला का जप करती है।

योग-ध्यान करती है।पेशे से आर्किटेक्ट अनंतकीर्ति इस्कॉन फॉलोअर हैं और पांच साल तक रशिया के इस्कॉन मंदिर में पुजारन रह चुकी हैं।
चूंकि वे भारत में ही रहना चाहती थीं इसलिए उन्होंने शादी भी भारतीय लड़के से की। गत बुधवार को इंदौर के रहने वाले अमेय काटकर और अनंतकीर्ति ने भारतीय रीति-रिवाज़ों से विवाह किया।आर्य समाज पद्धति से शादी की और हर मंत्र को ट्रांसलेशन हिंदी अंग्रेजी में किया गया। शादी में उनके परिवार के और सदस्य भी शामिल हुए। अमेय से अना की मुलाकात इस्कॉन मेट्रिमोनियल साइट के माध्यम से हुई थी।

अनंतकीर्ति का कहना है कि मैं 15 साल की थी जब रशिया में नोवोर्सिबिक जहां मेरा घर है, वहां कुछ लोग रास्तों पर कुछ गा रहे हैं जिसे सुनकर अलग ही सुकून मिल रहा था। वो लोग कुछ पर्चे बांट रहे थे। ये भारतीय सनातन धर्म का प्रचार था। मैंने इसके बारे में जाना तो पता लगा ये सबसे प्राचीन है। मैं जितना गहरी उतरी, उतना ही प्रभावित होती गई और कुछ समय में समझ गई कि इससे परे कुछ नहीं।

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