Jun 26 2019 /
7:05 AM

सामाजिक सरोकार भी निभायें विश्वविद्यालय-राज्यपाल आनंदीबेन

  • देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में स्थापित हो अंतर्राष्ट्रीय स्तर की पीठ-जीतू पटवारी, दीक्षांत समारोह सम्पन्न

इंदौर। विश्वविद्यालय सामाजिक सरोकारों को निभाने का दायित्व लें। बालिकाओं के स्वास्थ्य और कुपोषण से मुक्ति के लिये समाज आगे आये। विश्वविद्यालय और प्राथमिक विद्यालयों के बीच अंर्तसंबंध होने चाहिये। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने रविवार को इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में यह बात कही। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने इंदौर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की पीठ स्थापित किये जाने पर बल दिया। विश्वविद्यालय का विशेष दीक्षांत समारोह गरिमापूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ। समारोह में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के चेयरमैन डॉ.डी.पी.सिंह, कुलपति डॉ. नरेन्द्र धाकड़, पूर्व कुलपति, कार्यपरिषद के सदस्य, गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
शंख ध्वनि के साथ आया प्रोसेशन

विश्वविद्यालय के सभागार में शंख ध्वनि और मंगलाचरण के साथ राज्यपाल की अगुवाई में प्रोसेशन आया। परम्परागत भारतीय परिधान पहने और पगड़ी से सजे गर्वित माथों पर हर्ष की लकीरों के साथ प्रोसेशन में प्राध्यापकगण और मेडल तथा उपाधिधारक विद्यार्थी शामिल हुये।
समय पर पढ़ाई, परीक्षा और परिणाम जरूरी

राज्यपाल श्रीमती पटेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि विश्वविद्यालयों में निर्धारित समय पर पढ़ाई, परीक्षा और उसके परीणामों का आना जरूरी है। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के ऑनलाइन परीक्षा परिणाम प्रणाली का लोकार्पण भी किया। राज्यपाल ने कहा कि प्राईमरी और मिडिल के बच्चों को विश्वविद्यालय का भ्रमण कराना चाहिये, ताकि उच्च शिक्षा के प्रति उनमें ललक पैदा हो सके। राज्यपाल ने दीक्षांत समारोह में पीएचडी उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों से आव्हान किया कि वे अपने शोध को समाज के सामने भी प्रस्तुत करें।
इंदौर में स्थापित हो अंतर्राष्ट्रीय स्तर की पीठ

प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की पीठ स्थापित होना चाहिये। इसके लिये उच्च शिक्षा विभाग पहल करेगा। पटवारी ने अपने विद्यार्थी जीवन का स्मरण करते हुये कहा कि इसी परिसर में उन्होंने विद्यार्थी हित में अनेक आंदोलन किये हैं। यहीं उन्हें शिक्षकों की डाट-फटकार भी मिली और लाड़-प्यार भी। आज ऐसी शिक्षा की जरूरत है, जो दुर्भावनारहित सद्व्यवहार सिखाये। उन्होंने कहा कि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में दुनिया के विभिन्न देशों के विद्यार्थी पढ़ने आयें, इसके लिये हम सब मिलकर प्रयास करेंगे।

दीक्षांत समारोह के विशिष्ट अतिथि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष डॉ.डी.पी.सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि विश्वविद्यालय नव विचारों और नव उन्मेषों के पल्लवन का केन्द्र बनें। यहाँ बौद्धिक स्पंदन होते रहना चाहिये। उन्होंने मंत्री जीतू पटवारी के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय को उच्च शिक्षा के वैश्विक फलक पर ले जाने के संकल्प को सराहा। समारोह में कुलपति डॉ. नरेन्द्र धाकड़ ने विद्यार्थियों को दीक्षांत उपदेश दिया और प्रतिज्ञा दिलायी। प्रो. ज्ञानप्रकाश के संपादन में प्रकाशित “रिसर्च जनरल” का विमोचन अतिथिगणों द्वारा किया गया।

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