Jun 19 2019 /
10:58 PM

‘चौकीदार’ द्वारा चाबी छीनना तय होते ही ‘ताई’ ने चाबी लावारिस फेकी- कांग्रेस

  • ताई का भाजपा ने किया अपमान, कांग्रेस की सहानुभूति ताई के साथ

भोपाल। इंदौर से लोकसभा अध्यक्ष सांसद सुमित्रा महाजन द्वारा लोकसभा चुनाव लड़ने से शुक्रवार को इंकार किये जाने के बाद कांग्रेस ने बयान जारी कर इसे ताई का अपमान बताया है।
प्रदेश कांग्रेस के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने कहा है कि आठ बार से इंदौर सीट से लोकसभा सांसद रहीं सुमित्रा महाजन ‘ताई’ द्वारा मीडिया को संबोधित पत्र से यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा में मार्गदर्शक एवं स्वर्गवासी जैसे मण्डलों के बाद अब असमंजस मण्डल का भी गठन हो गया है।

सलूजा ने कहा कि संसद में लोकसभा स्पीकर ‘ताई’ ने इंदौर लोकसभा क्षेत्र में टिकिट वितरण को लेकर कहा था कि इंदौर की चाबी उनके पास सुरक्षित है, उसे किसी योग्य हाथों में ही सौपूंगी। दस करोड़ से ज्यादा कार्यकर्ता होने का दावा करने वाली भाजपा में ताई को अब तक कोई योग्य उम्मीदवार नहीं मिला।

उन्होंने स्वयं को ही सबसे योग्य मानकर टिकिट घोषित होने से पहले ही चुनाव प्रचार शुरू कर दिया परंतु ताई ने भांप लिया कि अब जब चौकीदार द्वारा ताई से चाबी छीनी जाने की घोषणा होने वाली है तो ताई ने अपना राजनैतिक सम्मान बरकरार रखने के लिये भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बजाय मीडिया को ‘‘सादर प्रकाशनार्थ’’ पत्र लिखते हुए अपना दुख एवं अपमान जनता तक पहुंचाने की कोशिश इस पत्र के माध्यम से की।

सलूजा ने कहा कि चौकीदार द्वारा चाबी छीनना तय होते ही ताई ‘‘ने चाबी को योग्य हाथों में सौंपने की बजाय लावारिस फेंक दिया।’’ शायद उन्हें भाई-भाभी-साहब और कविवर में भी कोई योग्य नहीं दिखा।

सलूजा ने कहा कि बेहतर होता कि चौकीदार की मंशा भांपकर उमा भारती और सुषमा स्वराज की तरह ताई भी लोकसभा चुनाव से अपनी दावेदारी पहले ही वापस ले लेती, ताकि उन्हें असमंजस-अनिर्णय मण्डल की सदस्य मनोनीत नहीं होना पड़ता और उनको यह राजनैतिक अपमान सहना नहीं पड़ता।

सलूजा ने कहा कि अपने बुजुर्ग नेताओं का उपयोग कर उन्हें विभिन्न मण्डलों में डालकर निष्क्रिय करने की भाजपा की परंपरा पुरानी है। उम्मीद थी कि ताई राजनीति से गरिमामयी सन्यास लेतीं, न कि जिस समय आडवाणी जी ने ब्लाॅग लिखकर अपनी पीड़ा का इजहार किया है उसी समय ताई भी असमंजस की बहानेबाजी से अपनी दावेदारी इंदौर से हटाने का एलान करतीं।

इंदौर की जनता को अपनी ताई के राजनीति से सम्मानजनक विदाई की अपेक्षा थी, लेकिन भाजपा ने उनकी वह अपेक्षा भी पूरी नहीं की। भाजपा ने ताई का अपमान किया है। इससे सभी आहत हैं। ऐसे समय में कांग्रेस की सहानुभूति ताई के साथ है।

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इंदौर