बेरोजगारों को रेलवे में नौकरी के नाम पर ठगने वाले फरार आरोपी को सायबर सेल ने छतरपुर से पकड़ा

इंदौर। राज्य सायबर सेल इंदौर ने बेरोजगार युवाओं को रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर साढ़े चार लाख की ठगी करने वाले चार साल से फरार मुख्य आरोपी को छतरपुर से पकड़ा है।
आरोपी का नाम पुष्पेंद्र यादव पिता नारायण यादव है निवासी ग्राम लुगासी जिला छतरपुर है।

एसपी सायबर सेल जितेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी अलग-अलग शहरों में रहकर फरारी काट रहा था। सायबर सेल ने वर्ष 2015 में नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी करने के मामले में केस दर्ज किया था। प्रशांत यादव को रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया था।

उसे फर्जी ऑफर लेटर दिया गया था ताकि विश्वास हो जाए और फिर बैंक खातों में साढ़े 4 लाख रुपए जमा भी करा लिए। उसे इंटरव्यू के लिए दिल्ली व इलाहाबाद भी बुलाया गया और फिर आरोपी फरार हो गए थे।

जांच के बाद साइबर सेल ने हर्ष संचेती, ललिता शर्मा, मन्न कवणकर, सुनीता कवणकर को गिरफ्तार किया था जबकि उक्त मुख्य आरोपी पुष्पेंद्र यादव फरार था। उसके बारे में पता चला कि आरोपी छतरपुर में है तो सायबर सेल की टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।

आरोपी पुष्पेंद्र 12वीं तक पढ़ा है। पहले कॉलेजों में एडमिशन दिलाने का काम करता था। काम के दौरान हर्ष से मुलाकात हुई और फिर वे बेरोजगारों को झांसा देकर रेलवे अथवा अन्य निजी कंपनियों में नौकरी का झांसा देकर ठगी करने लगे। केस दर्ज होने के बाद आरोपी इंदौर, दिल्ली, जबलपुर, झांसी, गुणगांव, सैफाई, छतरपुर आदि क्षेत्र में रहा।

वह जल्दी जल्दी ठिकाना व मोबाइल नंबर बदल लेता था। आरोपी पर 5 हजार का ईनाम भी घोषित था। उसे पकड़ने में निरीक्षक अम्बरीश मिश्रा, सब इंस्पेक्टर आशुतोष मिठास, अम्बाराम बारोड, प्रधान आरक्षक रामपाल, रामप्रकाश वाजपेयी, मनोज राठौर, आरक्षक विशाल, आशीष, गजेंद्र सिंह के अतिरिक्त छतरपुर थाने के सब इंस्पेक्टर रवि प्रताप चौहान, आरक्षक विक्रांत तिवारी व भूपेंद्र यादव की भूमिका रही।

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