Aug 21 2019 /
11:42 AM

इंदौर में गैंगवार के चलते हुई विशाल गावड़े की हत्या के आरोपी दोषमुक्त, पुलिस के साक्ष्यों को नही माना विश्वसनीय

इंदौर। पिछले साल इंदौर में गैंगवार के चलते परदेशीपुरा क्षेत्र में हुए विशाल गावड़े हत्याकांड के आरोपियों को कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया। गावड़े की सरेराह गोली मारकर हत्या की गई थी। कोर्ट ने पुलिस के साक्ष्यों को विश्वसनीय नहीं माना।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्राणेश कुमार प्राण की कोर्ट ने आरोपी ऋतु उर्फ रितेश उर्फ जितेंद्र, सोनू झुमका, शरद गुरु, गोलू तरुण व शुभम भार्गव को दोषमुक्त किया। आरोपी रितेश व शरद की ओर से सीनियर एडवोकेट अविनाश सिरपुरकर व और शुभम, गोलू तरुण की ओर से एडवोकेट जय नारायण तिवारी ने पैरवी की।

मृतक विशाल 2005 में हुए रुपसिंह महोबिया हत्याकांड का मुख्य आरोपी था और घटना के 15 दिन पहले ही जेल से छूटा था।

यह थी घटना

घटना 7 अप्रैल 2018 की शाम करीब साढ़े छह बजे परदेशीपुरा गली नम्बर 8 की है। विशाल अपनी बाइक (एमपी-09 क्यूएस-3128) से वहां पहुंचा।

वह एमआईसी सदस्य राजेंद्र राठौर के घर के पास खड़ा था तभी अज्ञात हमलावर बाइक पर आए और विशाल पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाना शुरू कर दी। हमला करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। गंभीर हालत में विशाल को अस्पताल ले जाने के दौरान उसकी मौत हो चुकी थी। परदेशीपुरा पुलिस ने विवेचना के बाद उक्त आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

पुलिस द्वारा यह बताया गया था कि रूपसिंह हत्याकांड का बदला लेने के लिए ही यह हत्या हुई थी।

2005 में हुई थी रूपसिंह की हत्या

5 नवंबर 2005 को कल्याण मिल मेन रोड पर रूपसिंह मेरिया की हत्या कर दी गई थी। हत्या में विशाल गावड़े, प्रहलाद, दिनेश, रवि व एक अन्य आरोपी थे। 2007 में प्रहलाद और दिनेश की राजकुमार ब्रिज पर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद 7 अप्रैल 2018 को विशाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

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