Jan 23 2019 /
11:22 PM

बैंक को सवा करोड़ का चूना लगाकर कैशियर फर्जी नाम से इंदौर में रह रहा था

इंदौर। इंदौर की क्राइम ब्रांच ने एक साल से फरार कैशियर को पकड़ा है जो बैंक को करीब सवा करोड़ का चूना लगाकर फर्जी नाम से इंदौर में रह रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार का इनाम था।

पकड़े गए आरोपी का नाम अंकित घाटे पिता नरहरी घाटे उम्र 28 साल निवासी 08 हैप्पी विला कालोनी थाना नौगाँव जिला धार है। ASP क्राइम अमरेंद्र सिंह ने बताया कि खर्चा चलाने के लिये आरोपी स्वयं की पहचान छुपाकर, इंदौर में फर्जी नाम से जोमेटो एप्पलीकेशन के जरियें फूड डिलीवरी का काम करने लगा था।

मामला इस प्रकार है कि करीब एक वर्ष पूर्व एचडीएफसी बैंक की धार जिले की शाखा मे 1.28 करोड रुपये का घोटाला कर फरार हुआ आरोपी अंकित घाटे इन्दौर के राजमोहल्ला में देखे जाने की सूचना मिली। इस पर क्राइम टीम ने उसे धरदबोचा।

पूछताछ में उसने बताया कि वह धार का रहने वाला है तथा बी.ई (कंप्यूटर साइंस) से ग्रेजुएट है। उसके पिता भी पूर्व मे बैंक में काम करते थे जो कि सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

आरोपी ने इंजीनियरिंग करने के बाद आईटी कंपनी में नौकरी की तलाश की किंतु सफलता ना मिलने के कारण उसने एचडीएफसी बैंक जिला धार में नौकरी करना शुरु कर दी थी जहां उसका मासिक वेतन 19 हजार रुपये तय था तथा वह कैशियर के पद पर नियुक्त होकर काम करता था।

आरोपी ने बताया कि बैंक की शाखा में दिन भर मे जितना भीं पैसो का लेन देन होता था पूरा उसी की देखरेख में होता था तथा वही शाम को हिसाब बनाकर पूरा कैश बैंक के लॉकर मे जमा करता था।

आरोपी अंकित ने तरीका वारदात के संबंध में खुलासा किया कि वह ग्राहक द्वारा जमा की जा रही राशि की कंप्यूटर में एण्ट्री करते समय संपूर्ण रकम की राशि को लिखकर उसमें प्रारूप अनुसार दर्शाये नोटों की संख्या को कम लिखता था।

उदाहरणवरूप किसी ने 1 लाख रुपये जमा कराये जिसमे 500 रुपये के 200 नोट है तो आरोपी अंकित उसमें से 8 नोट निकाल लेता था जब कंप्यूटर मे एंट्री करना होती तब 500 रुपये के 192 नोट लिख देता तथा कुल राशि 01 लाख ही लिख देता था। ऐसे दिनभर मे कई खातों के लेनदेन मे वह नोट चुरा लेता था।

बैंक में वैरीफीकेशन के दौरान नोटो की जो संख्या लिखी होती उसका मिलान अलग से होता था और कुल राशि का अलग तो ऐसी स्थिति में कंप्यूटर में फीड की गई जानकारी पर नोटों की संख्या समान दिखती तथा फीड किये गया कैश की रकम भी बराबर मिलती थी।

परिणास्वरूप आरोपी पर किसी को शक नहीं होता था। इस तरह आरोपी अंकित ने एचडीएफसी बैंक की धार शाखा में नौकरी करते हुये कुल 01 करोड़ 28 लाख रुपये का गबन कर फरार हो गया था।

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