Sep 24 2019 /
2:26 PM

इंदौर नगर निगम बैठक में हुई घटना की पुनरावृत्ति न हो, इस हेतु जरूरी नियम बने, राज्यपाल को पार्षद टीनू जैन ने लिखा पत्र

इंदौर। इंदौर की गरिमा को दूषित करने का काम बौखलाई कांग्रेस ने नगर निगम की बजट बैठक में किया है। इंदौर नगर निगम बैठक में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो, इस हेतु कुछ आवश्यक नियम बनाये जाये। यह बात इंदौर नगर निगम के भाजपा पार्षद दीपक जैन (टीनू) ने मप्र की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को लिखे पत्र में कही।

उन्होंने पत्र में कहा कि 13 जून 2019 का दिन इंदौर नगर पालिक निगम के लिए काला दिवस बनकर आया जहां इन कई घंटों तक सब कुछ तार-तार होता दिखा। एक तरफ इंदौर नगर निगम की मर्यादा के साथ खिलवाड़ होता रहा तो दूसरी तरफ कुछ कांग्रेस पार्षदों ने लोकतंत्र की गरिमा को धूल-धूसरित कर करने का काम किया । 

इंदौर नगर निगम की बैठकों में सम्मेलन में, बहस,चर्चा और व्यवधान तो हम सबने हमेशा देखा है। लेकिन गत गुरुवार को mic सदस्य सुधीर देडगे के साथ जो धक्का मुक्की और अपशब्दों का प्रयोग, व अवांछनीय लोगो का इंदौर नगर के विकास के लिए प्रस्तुत होने वाले निगम के महत्वपूर्ण बजट में आकर हंगामा करना,

व्यक्तिगत झंडे और डंडे लहराना, अधिकारियों को अपशब्द कहना ,जैसी घटनाएं निगम की गरिमा को यकीनन प्रभावित करती है। इंदौर की महापौर मालिनी लक्ष्मणसिंह गौड़ , पार्षदों, अधिकारियों की मेहनत व इंदौर की जनता के सहयोग से इंदौर ने स्वच्छ्ता में पूरे देश मे मिसाल कायम की है, उस शहर की गरिमा को दूषित करने का काम बौखलाई हुई कांग्रेस व उसके जनप्रतिनिधियों ने किया है।

जैन ने राज्यपाल से अनुरोध किया कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इस हेतु कुछ आवश्यक नियम बनाये जाये, जिससे अनअपेक्षित लोग परिषद की बैठक या सम्मेलन में प्रवेश न कर सके। किसी भी प्रकार के अनाधिकृत लोगो का प्रवेश बिल्कुल निषेध हो, किसी भी प्रकार के राजनीतिक झंडे , बैनर, पोस्टर, लाने की अनुमति न हो, दर्शक दीर्घा के लिए भी पास जारी किए जाए, और प्रवेश के लिए परिचय पत्र आवश्यक हो। निगम की परिषद बैठक या सम्मेलन स्थल के 1 किलोमीटर तक के दायरे में किसी भी प्रकार का धरना प्रदर्शन करने की अनुमति न दी जाए। 

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