रिश्वत में सब इंस्पेक्टर व आरक्षक को दो दो साल का सश्रम कारावास

इंदौर। भ्रष्टाचार मामलों के विशेष जज जेपी सिंह की कोर्ट ने मंगलवार को
एक पुलिस सब इंस्पेक्टर व आरक्षक को रिश्वत मामले में भ्रष्टाचार का दोषी
पाते हुए इन्हें दो दो वर्ष के सश्रम कारावास व चार चार हजार रुपए
अर्थदंड की सजा सुनाई।

मारपीट का केस में ली थी बीस हजार रिश्वत

आरोपी का नाम दद्दू सिंह चंदेल और आरक्षक का नाम शिव प्रकाश मिश्रा है।
ये घटना के समय कनाडिय़ा थाने पर पदस्थ थे।

घटना इस प्रकार है

कि 2 दिसम्बर 2013 को परेश जैन द्वारा एसपी लोकायुक्त को शिकायत की गई थी कि
कनाडिय़ा रोड पर वह एक मल्टी का निर्माण करवा रहा है।

वहां मजदूरों का टापरा बनवाने के लिए गया तो राजेश लोधी ने परेश व अनिल काकड़े के साथ
मारपीट की।

जब वे इसकी रिपोर्ट लिखाने कनाडिय़ा थाने गए तो उक्त सब इंस्पेक्टर चंदेल ने राजेश को बुलवाकर उसकी तरफ से परेश व अनिल के विरुद्ध रिपोट्र्र लिख ली ओर इन्हें धारा 151 में गिरफ्तार कर लिया।

इसके बाद इन्हें जमानत पर छोडऩे और एफआईआर न करने के नाम पर पचास हजार मांगे।

इतनी राशि न दे पाने पर बीस हजार में सौदा तय हुआ और यह कहकर 151 में जमानत पर छोड़ा कि यदि यह राशि नहीं पहुंचाई तो एफआईआर कर दूंगा।

तय सौदे के कारण चार दिसम्बर 2013 को फरियादी परेश रिश्वत की राशि बीस हजार रुपए लेकर कनाडिय़ा थाने बुलाया।

वहां पहुंचा तो चंदेल ने बताया कि बंगाली चौराहे पर आरक्षक शिव प्रकाश मिलेगा, उसे दे देना।

जैसे ही वहां पर रिश्वत की राशि उसे दी, लोकायुक्त टीम ने उसे धरदबोचा।

बाद में चंदेल को भी आरोपी बनाया गया। इन दोनों के विरुद्ध चालान कोर्ट में पेश किया।

लोकायुक्त की ओर से जीपी घाटिया की ओर से तर्क रखे गए

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