Mar 24 2019 /
2:21 PM

बगैर हल्ला मचाए इंदौर में हम मिल कर बनाएंगे सफाई की हैट्रिक

  • निगम ने किए व्यापक प्रबंध, अब है जनता की बारी
  • आज से दस दिन तक शहर में चलेगा स्वच्छता सर्वेक्षण

इंदौर, प्रदीप जोशी। स्वच्छता सर्वेक्षण-2019 के लिए आज से शहर में सर्वे का काम शुरू हो रहा है। दिल्ली से आई सर्वे टीम दस दिन तक जनता से सीधे चर्चा करने के साथ साफ-सफाई का जायजा भी लेगी। हालांकि नगर निगम प्रशासन ने अपने स्तर पर व्यापक प्रबंध किए हैं, बावजूद इसके जनता के ऊपर भी खासा दारोमदार है।

पिछले दो अभियान में हो-हल्ला मचाते हुए हम नंबर वन बने हैं। बहरहाल, इस बार हल्ला तो नहीं, पर हैट्रिक बनाने के लिए पूरा शहर तैयार है। खास बात यह है कि निगम की टीम बदलने के बाद भी सफाई अभियान में किसी प्रकार की न तो ढिलाई नजर आई और न ही चल रहे कामों में कोई व्यवधान पैदा हुआ। इसके लिए शहर की जनता को भी श्रेय जाता है, जिसने स्वच्छता अभियान में अपना पूर्ण योगदान दिया है।

सेवन स्टार के लिए होने वाले इस सर्वे में दस दिन तक जांच होगी, जिसके लिए एक हजार अंक प्राप्त होंगे। सात सितारा सर्वे के लिए सात सवाल भी हैं, जो सीधे जनता से किए जाएंगे। ये सवाल स्वच्छता मिशन से जुड़े हैं, जिसमें परखा जाएगा कि आप अपने शहर की सफाई व्यवस्था के संबंध में कितना जानते हैं।

पांच हजार अंकों के लिए सर्वेक्षण

केंद्र सरकार के स्वच्छता अभियान में इंदौर 2017 से शामिल है और उस वक्त देश के 500 शहर अभियान में शामिल किए गए थे। हम देश में नंबर वन बने और उसके अगले वर्ष भी नंबर वन के मुकाम को कायम रखने में सफल रहे, जबकि मुकाबले में देश के चार हजार शहर शामिल थे। बहरहाल, इतने ही शहरों के बीच इस बार भी मुकाबला है।

पांच हजार अंकों के लिए यह सर्वेक्षण शुरू किया गया है। आज से जो सर्वे शुरू हो रहा है, उसमें 14 बिंदुओं पर सर्वे होगा, जिसके लिए 1 हजार अंक निर्धारित किए गए हैं। 15 जनवरी से ओवर आॅल सर्वे शुरू होगा जो 5 हजार अंक वाला रहेगा। सर्वेक्षण के लिए 25 फीसदी अंक के लिए दस दिन तक दिल्ली की टीम शहर में रहेगी। वार्डों में सफाई अभियान देखने के साथ ट्रेंचिंग ग्राउंड का भी मुआयना यह टीम करेगी।

शहर को मिल चुके हैं 250 अंक

वैसे सेवन स्टार रेटिंग में कुल 1250 अंक थे। इसमें से 250 अंक ओडीएफ डबल प्लस के जरिए शहर को मिल चुके हैं। लिहाजा अब सर्वे एक हजार के लिए ही होगा। इस अंक को प्राप्त करने के लिए इंदौर नगर निगम द्वारा प्रयास जोर-शोर से किए जा रहे हैं। निगमायुक्त आशीष सिंह के मुताबिक सर्वे में जरूरी सभी काम शत प्रतिशत पूरे हो चुके हैं।

चार भागों में होगा सर्वे, आॅनलाइन होगी जांच

पिछले साल हुए स्वच्छता सर्वेक्षण में तीन भाग थे, जिसकी अंक संख्या चार हजार थी। इस बार सर्वे को चार भागों में बांटा गया है और अंक संख्या भी बढ़कर पांच हजार कर दी है। इसके तहत प्रत्यक्ष अवलोकन 25 प्रतिशत, नागरिक प्रतिक्रिया 25 प्रतिशत, सेवा स्तर प्रगति 25 प्रतिशत और प्रमाणीकरण के लिए 25 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं। खास बात यह है कि सर्वेक्षण 2018 में टीमों ने नगर निकायों व निगम क्षेत्रों और कार्यालयों में पहुंचकर दस्तावेज की जांच की थी पर इस बार कोई टीम जांच के लिए नहीं आएगी। स्वतंत्र संस्था की ओर से प्रमाणीकरण, आॅनलाइन वेरिफिकेशन, नागरिकों का फीडबैक और आॅन ग्राउंड स्क्रूटनी की जाएगी।

रैंकिंग घटने का सता रहा डर

स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर की रैंकिंग में सुधार के लिए नगर निगम ने पूरा जोर लगा दिया। निगम अफसरों ने शहर के अलग-अलग पॉइंट्स की फोटोग्राफ व डाक्यूमेंट केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए हैं। अब केंद्रीय टीमें स्वच्छता सर्वे के लिए निगम अफसरों को बताए बिना शहर में दस्तक देने जा रही हैं। निगम अफसरों को डर है कि टीमें कहीं ऐसी जगह पर न पहुंच जाएं जहां सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है। अगर ऐसा हुआ तो शहर की रैंकिंग में गिरावट आ जाएगी।

इन बिंदुओं पर होगी जमीनी पड़ताल

  1. सभी वार्डों में कहीं भी कचरा नहीं हो
  2. सभी रहवासी और व्यावसायिक एरिया साफ हो
  3. सभी सफाई मित्र ड्रेस, ग्लव्स, मॉस्क आदि पहने हो
  4. सभी कचरा संग्रहण वाहन पर मैप लगा हो, गीला और सूखा कचरा अलग-अलग संग्रहण किया जा रहा हो
  5. सभी व्यावसायिक एरिया में 50 मीटर पर लीटरबिन लगे हों
  6. वार्ड के अंतर्गत आने वाले सभी गार्डन साफ हों
  7. सभी स्कूल-कॉलेज के अंदर सफाई व्यवस्था उत्तम हो, कहीं भी कचरा न हो
  8. सभी बल्क वेस्ट कम्पोस्टिंग हो, रजिस्टर मेंटेन हो और खाद का क्या उपयोग हो रहा है
  9. वार्ड में आने वाले बस, रेलवे स्टेशन, आॅटो स्टैंड पर सफाई हो, सभी दुकानों पर डस्टबिन हो
  10. वार्ड में आने वाले इंडस्ट्रियल एरिया साफ हो, कचरा संग्रहण प्रतिदिन होता हो
  11. वार्ड के अंतर्गत आने वाली सभी वाटर बॉडी साफ हो, सफाई कब और कैसे होगी
  12. स्लम सौंदर्यीकरण तथा बस्ती में कहीं भी कचरा न हो
  13. कहीं भी मलबा न हो, रोड पर गड्ढे न हो, सफाई व्यवस्था उत्तम हो

जनता से किए जाने वाले सात सवाल

सर्वेक्षण के लिए सात सितारा के लिए सात सवाल सीधे जनता से किए जाएंगे। इनका जवाब हां या नहीं में देना है। स्वच्छता, कचरा निपटान, शौचालय आदि से जुड़े इन सवालों को सर्वे टीम कहीं भी और किसी से भी कर सकती है।

  1. क्या आप जानते हैं कि आपका शहर स्वच्छता रैंक के लिए स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 में भाग ले रहा है?
  2. क्या आप अपने शहर में स्वच्छता स्तर से संतुष्ट हैं?
  3. क्या आप आसानी से वाणिज्यिक और सार्वजनिक क्षेत्रों में कूड़ेदान डिब्बे खोज सकते हैं?
  4. क्या कचरा संग्रहित करने वाले आप से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग देने के लिए बोलते हैं?
  5. क्या आप जानते हैं आपका कचरा संग्रहित होने के बाद कहां जाता है? डंपिंग साइट, लैंडफील साइट
  6. क्या सामुदायिक/सार्वजनिक शौचालय अब अधिक साफ और सुलभ हैं?
  7. क्या आप अपने शहर की ओडीएफ (खुले में शौचमुक्त) स्थिति जानते हैं?

है तैयार हम…

तीसरी बार स्वच्छता में नंबर वन हमारा शहर बनेगा। इसके लिए नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी जी जान से जुटे हुए हैं। जनता का सहयोग है और हैट्रिक बनाने के लिए सभी मिलकर प्रयास कर रहे हैं। कहीं कोई कमी नहीं छोड़ी गई है। इंदौर फिर से इतिहास बनाने की ओर कदम बढ़ा चुका है। देश में नंबर वन हम ही रहेंगे।

-मालिनी गौड़, महापौर

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