कम्पनी को सेबी से रजिस्टर्ड बताकर कई लोगों से 1.18 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाले युवक युवती इंदौर STF की गिरफ्त में, दो फरार

इंदौर। कम्पनी को सेबी से रजिस्टर्ड बताकर कई लोगों से 1.18 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाले युवक युवती को इंदौर STF की टीम ने गिरफ्तार किया है जबकि दो आरोपी अब्बी फरार है।


एसपी STF इंदौर पद्मविलोचन शुक्ला ने बताया कि प्रिमियम केपिटल रिसर्च नामक कम्पनी द्वारा मनीष रोहिल्ला निवासी मोहाली पंजाब के साथ रूपयें 15 लाख एवं दीपक रावत के साथ 10 लाख की धोखाधडी की गई थी। इनके द्वारा सेबी इन्दौर को इस कम्पनी की शिकायत की गई।


जांच के दौरान पाया कि उक्त कम्पनी ने ICICI बैंक की मालव परिसर शाखा इंदौर में एक खाता माह मई 2018 में खोला गया था जिसे माह नवम्बर 2018 में संचालित करना बंद कर दिया गया। इस अवधि में कम्पनी के लोगो द्वारा रूपयें 1 करोड 18 लाख की धोखाधडी की गई।

इनमे अमरजीत सिंह नामक व्यक्ति से 18 लाख, तरूण बजाज से 43 लाख50 हजार, इरफान खॉन से 33 लाख, सुभाष सुराना से 56 लाख, जागृति देवेन्द्र मोदी से 10 लाख, सोनी सोवाल निवासी कैथल हरियाणा से 26 लाख, देवेन्द्र कोदरलाल से 42 लाख तथा मोहम्मद. सी. आलम नामक व्यक्ति से 16 लाख की राशि को सेबी से रजिस्टर्ड कम्पनी होने का विश्वास दिलाते हुए उक्त कम्पनी के कर्ताधर्ताओं द्वारा जमा कराया जाकर उनके साथ धोखाधडी की गई है।


जांच पर से आरोपी संजय बजाज, रवि त्रिपाठी, युवराज एवं शालिनी मेहरा का कृत्य भादवि के तहत दण्डनीय पाया जाने से अपराध पंजीबद्व कर विवेचना की जा रही थी। विवेचना के दौरान एस.टी.एफ. टीम के उप निरीक्षक श्यामकिशोर त्रिपाठी सउनि अमित दीक्षित एवं टीम को भोपाल रवाना किया गया था।

टीम द्वारा होशंगाबाद रोड मिसरोद की श्रीराम कॉलोनी के गायत्री परिसर के एक मकान में दबिश दी गई जहां से अंकित पाटीदार एवं कामिनी सोनी को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उनके द्वारा बताया गया कि अंकित पाटीदार द्वारा युवराज के नाम से तथा कामिनी सोनी द्वारा शालिनी मेहरा के नाम से लोगो को सेबी से रजिस्टर्ड कम्पनी होने का विश्वास दिलाते हुए उनके साथ उक्त ठगी की जा रही थी।

आरोपियों से पूछताछ में उनके द्वारा बताया गया कि कम्पनी में रवि त्रिपाठी के नाम का उपयोग श्रेय गांधी निवासी 601 तिरूमाला काम्पलेक्स छोटा बांगडदा इन्दौर तथा संजय बजाज नाम का उपयोग सचिन चौहान निवासी 50 अम्बिका नगर इन्दौर द्वारा किया जा रहा था जो दोनो प्रकरण में फरार है।


अंकित पाटीदार ने बताया कि यह कम्पनी जीवनलाल मारू उर्फ जय मारू के द्वारा सचिन चोैहान के दस्तावेजो के आधार पर बनाई गई थी। जीवनलाल उर्फ जय मारू के विरूद्व थाना विजय नगर इन्दौर में अपराध क्रमांक 432/19 पंजीबद्व होकर वर्तमान में जेल मे निरूद्व है एवं इसी प्रकरण में आरोपी सचिन चौहान अप्रेल 2019 से फरार चल रहा है।


एसपी शुक्ला ने बताया कि अंकित पाटीदार पिता कैलाश पाटीदार मूलतः ग्राम झरबेडा तहसील एवं जिला सीहोर का निवासी होकर Carrier College भोपाल से एम.बी.ए. मार्केटिग तक शिक्षित है एवं कामिनी सोनी गंज बासौदा जिला विदिशा की रहने वाली होकर SIRT College भोपाल से एम.बी.ए. फायनेन्स तक शिक्षित है।


आरोपी अंकित के कब्जे से एक मॉडम, सेटअप बॉक्स, एलसीडी मॉनिटर, माउस, पंजाब नेशनल बैंक एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के डेबिट कार्ड क्रेडिट कार्ड स्वयं के नाम के दो वोटर आईडी कार्ड, मोनू नामक व्यक्ति का वोटर आईडी कार्ड, 5 सिम कार्ड, अंकित के नाम का कैरियर कॉलेज का आईडी कार्ड, एक एक्सिस और पंजाब नेशनल बैंक की पासबुक और चेक बुक तथा आरोपिया कामिनी सोनी से एक लैपटॉप, राउटर तीन मोबाइल फोन, तीन पेनड्राइव और दो सिम कार्ड जब्त हुई है।


आरोपियों की गिरफतार मे एसटीएफ इन्दौर टीम के उप निरीक्षक श्याम किशोर त्रिपाठी सउनि अमित दीक्षित आरक्षक विवेक द्विवेदी राहुल रमनवाल हेमन्त वर्मा और भीषमपाल सिंह की भूमिका रही है।

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