Sep 29 2022 / 3:59 AM

इंदौर में केवायसी अपडेट कराने के नाम पर महिला प्रोफेसर के बैंक खातों से 33 लाख से अधिक की ऑनलाइन ठगी करने वाला झारखंड का आरोपी सायबर सेल की गिरफ्त में

इंदौर। इंदौर में केवायसी अपडेट कराने के नाम पर महिला प्रोफेसर के बैंक खातों से 33 लाख से अधिक की ऑनलाइन ठगी करने वाला झारखंड का आरोपी सायबर सेल की गिरफ्त में आया है।

आरोपी का नाम पता- हरीश कुमार दास पिता बिरजू,उम्र- 26 साल,निवासी- ग्राम पोस्ट सिंगदाहा थाना तोपचांचाी जिला धनबाद झारखण्ड है।

राज्य सायबर सेल इन्दौर पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह के द्वारा बताया गया कि फरियादियां जो कि शासकीय स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय इन्दौर में प्राध्यापिका है, को केव्हायसी अपडेट करने के नाम पर धोखाधडी पूर्वक ओटीपी प्राप्त कर फरियादियां का नेट बैंकिंग का लॉग इन आइडी पासवर्ड क्रियेट कर आवेदिका के दोनों बैंक खातों के पूर्व से रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर चेंज कर आवेदिका की जमा एफडी पर ऑनलाइन लोन राशी प्राप्त कर उसे आवेदिका के दोनों बैंक खातों में ट्रांसफर कर और आवेदिका के दोनों बैंक खाते में पूर्व से जमा धनराषि और लोन राषि को धोखाधडी पूर्वक विभिन्न पेटीएम वॉलेटों और विभिन्न बैंक खातों में लगभग 3342000/-रूपये धोखाधडी पूर्वक ऑनलाइन ट्रांसफर किये गये। षिकायत की जॉच पर धारा 419, 420, 467, 468, 471 भादवि एवं 66सी, 66डी आइटी एक्ट का अपराध पंजीबध्द किया गया।


दौराने विवेचना प्राप्त संदिग्ध मोबाइल नम्बरो का तकनीकी विश्लेषण करने के बाद आये नाम पतों की तस्दीक एवं पतारसी हेतु एक टीम गठित कर जिसमें निरीक्षक राशिद अहमद, सउनि रामप्रकाश बाजपेई, प्र0आर0 विजय बडोदकर एवं आर0 गजेन्द्र सिंह को धनबाद झारखण्ड रवाना किया गया।

प्राप्त जानकारी के आधार पर टीम द्वारा सरोपि की पतारसी करते पता चला कि आरोपी अपनी बहन की गोद भराई रष्म में ग्राम मानपुर जिला बोकारो गया हुआ है। टीम द्वारा ग्राम मानपुर के आने जाने वाले रास्ते पर सतत् निगरानी रखते हुए पकड़ा।


सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी दास द्वारा सायबर फ्रॉड का काम करने के लिये फर्जी बैंक खाते व पेटीएम वॉलेटों को अन्य व्यक्ति से खरीदना बताया एवं उन फर्जी बैंक खातों एवं फर्जी पेटीएम वॉलेटों में अन्य आरोपियों के द्वारा किये गये ऑनलाइन ट्रांजेक्शन को विड्रोल कर अपना कमीशन काट कर अन्य आरोपियों को नगद रूपये देना बताया गया।


आरोपी दास द्वारा बताया गया तरीका ए वारदात-
आरोपी और उसके अन्य साथी आरोपी गण द्वारा मिलकर मोबाइल नम्बरों की एक सीरीज को उठाकर लोगों को एक साथ फर्जी मोबाइल नम्बरों से एसबीआई बैंक खाते का केव्हायसी अपडेट करने के लिये बल्क मैसेज कर देते है। जिसमें लिखा होता है कि केव्हायसी अपडेट न होने के कारण आपका बैंक खाता बंद कर दिया जायेगा। केव्हायसी अपडेट कराने के लिये नीचे दिये गये मोबाइल नम्बरों पर सम्पर्क करें। मैसेज पढने के बाद कुछ लोग उस दिये गये मोबाइल नम्बर पर सम्पर्क करते है। जिसमें कॉलर द्वारा उनको बैंक खाते की केव्हायसी अपडेट करने के लिये आधार कार्ड, पेन कार्ड की डिटेल्स मांगी जाती है। उसके बाद वह लोग उनको अपनी बातां में उल्झाकर उनसे उनके बैंक खाते में रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पर आये हुए ओटीपी को पूछकर इन्टरनेट बैंकिंग का लॉग इन आइडी पासवर्ड क्रियेट कर लेते है।

अगर बैंक खाते में राशी कम होती है, तो इन्टरनेट बैंकिंग के माध्यम से फरियादियों से बार-बार ओटीपी पूछकर अन्य बैंक खाते व वॉलेटों में रूपया ट्रांसफर कर देते है। अगर फरियादियों के बैंक खाते में राशी अधिक होती है, तो वह फरियादी से इन्टरनेट बैंकिंग का लॉग इन आइडी का पासवर्ड क्रियेट करने या बदलने के लिये फरियादी के रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पर आये हुए ओटीपी पूछकर स्वयं के मोबाइल पर फरियादी के बैंक खाते का इन्टरनेट बैंकिंग लॉग इन कर लेते है।

उसके बाद फरियादी के बैंक खाते का ओटीपी प्राप्त कर योनो अप्पलीकेषन के माध्यम से लॉग इन कर लेते है। जिससे उनको फरियादी के एसबीआई बैंक के सारे खातों की जानकारी प्राप्त हो जाती है। उसके बाद वापस फरियादी से ओटीपी प्राप्त कर फरियादी का रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर चेंज कर उनके पास उपलब्ध खरीदा गया फर्जी मोबाइल नम्बर रजिस्टर्ड कर देते है। जिससे फरियादी को उसके बैंक खाते से होने वाले ऑनलाइन ट्रांजेक्षन्स के ओटीपी और रूपये कटने का मैसेज प्राप्त नही हो पाता है।

योनो अप्पलीकेशन के माध्यम से अगर फरियादी द्वारा कोई एफडी की गई है, तो उसकी भी जानकारी उनको लग जाती है, और वह उसी समय फरियादी की जमा एफडी पर ऑनलाइन लोन लेकर उसको फरियादी के बैंक खाते में ट्रांसफर कर लेते है, एवं बाद में फरियादी के बैंक खाते से अपने फर्जी बैंक खातों एवं फर्जी पेटीएम वॉलेटों में ऑनलाइन रूपये ट्रांसफर कर उसका विड्रोल कर अपने-अपने कमीशन के मुताबिक रूपयों का बटवारा कर लेते है।

यह बरतें सावधानियॉः –

  1. मोबाइल नम्बरों से केव्हायसी अपडेट करने के नाम पर आये हुए टेक्स मैसेजों पर ध्यान न दें।
  2. बैंक से संबंधित कोई भी जानकारी स्वयं की बैंक शाखा पर जाकर ही प्राप्त करें।
  3. मोबाइल नम्बरों पर आये हुए ओटीपी किसी भी अंजान व्यक्ति को शेयर न करें।
  4. अंनजान व्यक्ति के द्वारा किये गये कॉल पर भरोसा न करें, एवं उसको बैंक से संबंधित एवं आधार कार्ड और पेन कार्ड की जानकारी न दें।
  5. गुगल पर दिये गये बैंक से संबंधित कस्टमर केयर मोबाइल नम्बर पर विष्वास न करें।
  6. पासबुक, एटीएम एवं क्रेडिट कार्ड पर छपे कस्टमर केयर नम्बर का उपयोग करें।
  7. टैक्स मैसेज /व्हाट्सएप पर आये मैसेज लिंक पर क्लिक न करें।
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