Aug 21 2019 /
10:40 AM

इंदौर में 2 इंच और बरसा, कुल 24 इंच, मालवा निमाड़ सहित प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी जोरदार बारिश

भोपाल। मध्यप्रदेश में सक्रिय मानसून ने अन्य जिलों के साथ इंदौर व मालवा निमाड़ के पूरे क्षेत्र को भरपूर तरबतर कर दिया है। पिछले 24 घंटे में इंदौर में लगभग 2 इंच पानी और बरस गया है और सिलसिला अभी जारी है। कुल मिलाकर इंदौर में गुरुवार आधी रात तक तकरीबन कुल 24 इंच बारिश इस मौसम में हो चुकी है।
गत बुधवार से मध्यप्रदेश में शुरू हुआ बारिश का दौर गुरुवार को भी जारी है। इंदौर में कंल रात में रिमझिम बारिश होती रही जो गुरुवार को भी जारी है। मालवा निमाड़ के झाबुआ, धार, आलीराजपुर, खरगोन, बुरहानपुर, रतलाम, नीमच, मंदसौर सहित अन्य जिलों में तेज बारिश हो रही है। झाबुआ में अग्नि नदी वबुरहानुपर में ताप्ती उफान पर है।

मंदसाैर के मल्हारगढ़ में उफनते नाले से ट्रैक्टर निकालने के दौरान ट्रैक्टर नाले में जा गिरा। ट्रैक्टर पर बैठे तीन लोगों को ग्रामीणों ने बचाया। वहीं धार के अमझेरा के पास मांगोद-मनावर मार्ग पर धार से मनावर जा रही एक यात्री बस ने पुलिया को पार करने के प्रयास में बीच में ही फंस गई।

लगभग एक घंटे फंसे रहने के बाद ग्रामीणों ने बस में सवार यात्रियों को सुरक्षित निकाला। रायसेन जिले के बेगमगंज स्थित एक नदी के तेज बहाव में एक महिला बह गयी, जिसका अब तक पता नहीं चल सका। वहीं मंडला में बाढ़ जैसे हालात बन गएहैं। बैतूल में जारी बारिश के चलते सतपुड़ा डैम के सात गेट खोले गए हैं।बड़वानी. राजघाट में बुधवार को नर्मदा का जलस्तर 127.400 मीटर था जो गुरुवार को बढ़कर 128 मीटर से ऊपर पहुंच गया।

लगातार जलस्तर को बढ़ता देख एनडीआरएफ की टीम के साथ प्रशासन ने डूब क्षेत्र को खाली करवाना शुरू कर दिया है।

कई राज्यो में भी हालत खराब

देश के कई राज्यो में भी लगातार बारिश से हालत खराब है। कर्नाटक और महाराष्ट्र के बाढ़ प्रभावित हिस्सों में स्थिति गंभीर बनी हुई है, जहां 2.5 लाख लोगों को अन्य स्थानों पर पहुंचाया गया है. वहीं, आंध्र प्रदेश में कई नदियां उफान पर हैं. पिछले सात दिनों में पश्चिमी महाराष्ट्र में बारिश और बाढ़ से संबंधित घटनाओं में 16 लोगों की मौत हुई है, जबकि कर्नाटक में रविवार से अब तक पांच लोगों की जान जा चुकी है और लगभग 26,000 लोगों को निकाला गया है।

ओडिशा के कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है और दक्षिणी क्षेत्र में कुछ इलाकों में रेल सेवाएं बाधित रहीं। पश्चिमी महाराष्ट्र में खास तौर पर कोल्हापुर और सांगली जिलों में बाढ़ की स्थिति भयावह होने के बाद 1.32 लाख से ज्यादा लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है. यहां लगातार हुई बारिश से यह स्थिति उत्पन्न हुई है।

बड़वानी में उफान पर नर्मदा

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इंदौर