एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में भाजपा नेता रघुनंदन शर्मा का इस्तीफा

भोपाल। एसटीएससी एक्ट के कारण सवर्णों का विरोध तो भाजपा झेल ही रही है लेकिन अब पार्टी में भी अंदरूनी फूट शुरु हो गई है। इसी के चलते अब भाजपा में बिखराव शुरू हो गया है। ताज़ा मामले में प्रदेश के कद्दावर भाजपा नेता रघुनंदन शर्मा ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार एट्रो सिटी एक्ट के विरोध में भाजपा नेता रघुनंदन शर्मा सिवनी मालवा ने इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है।

रघुनन्दन शर्मा की प्रदेश के कद्दवर नेताओं में गिनती होती है, वे भाजपा होशंगाबाद जिले से 2 बार अध्यक्ष रह चुके हैं और सीएम शिवराज सिंह के काफी नजदीकी माने जाते हैं। वे केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज के चुनाव में प्रभारी भी रह चुके हैं।

शर्मा का कहना है कि जब तक सरकार इस एक्ट को वापस नहीं लेती है मैं लड़ता रहूंगा। उन्होंने यहां ये भी साफ किया कि मेरे पास काफी जनसमर्थन है।

ऐसे में हम नया संगठन खड़ा करेंगे जो सवर्णों के हितों की रक्षा करेगा। इसके अलावा उन्होंने किसी को भी समर्थन देने या लेने से इनकार करते हुए कहा है कि हां अब जरूरी हुआ तो हम सपाक्स जैसे संगठनों के साथ खड़े रह सकते हैं।

इसके अलावा रघुनन्दन शर्मा ने कहा है कि MP सरकार के एक कद्दावर मंत्री के खिलाफ मेरे पास अवैध उत्खनन के खास सबूत भी हैं। माना जा रहा है कि वे जल्द ही इस मंत्री का काला चिट्ठा भी जनता के सामने खोलेंगे।

गौरतलब है कि इससे पहले मध्यप्रदेश में ही विस चुनाव में टिकट की दावदारी कर रहे श्योपुर के भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष नरेश जिंदल सहित तीन अन्य ने पार्टी और पद दोनों से इस्तीफा दे चुके हैं। इससे भाजपा में हडक़ंप है।

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