एमपी में भी पूर्व सीएम खाली कर सरकारी आवास

एमपी में भी पूर्व सीएम खाली कर सरकारी आवास जबलपुर। एमपी में भी पूर्व मुख्यमंत्रियों को एक माह के अंदर अपने सरकारी बंगले खाली करने होंगे |मंगलवार को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित सरकारी आवास एक माह में खाली कराने का आदेश दिया है। संशोधन के खिलाफ लॉ स्टूडेंट रौनक यादव की याचिका पर सुनवाई के दौरान ये आदेश दिए हैं।अदालत ने राज्य सरकार द्वारा नियम में किए गए संशोधन को असंवैधानिक करार दिया है।
चीफ जस्टिस हेमंत गुप्ता व जस्टिस अखिल कुमार श्रीवास्तव की डिवीजन बेंच ने ये आदेश दिए है। के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता जबलपुर निवासी विधि छात्र रौनक यादव ने याचिका में कहा गया था कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नियम के विरुद्ध सरकारी आवासों में रहते हैं। प्रदेश सरकार ने इस मामले की सुनवाई के दौरान मध्यप्रदेश वेतन भत्ता अधिनियम में 2017 में संशोधन किया था और पूर्व मुख्यमंत्रियों को वर्तमान मंत्रियों के समान वेतन-भत्ते और आवास की सुविधा देने का प्रावधान जोड़ दिया। ये समानता के अधिकार का उल्लंघन है। इसके जरिए मांग की गई कि संशोधित प्रावधान को असंवैधानिक करार दिया जाए। ऐसा इसलिए क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्रियों को वित्तीय दृष्टि से पेंशन सहित अन्य भत्तों संबंधी लाभ मिलते हैं और उनके पास खुद के निजी आवास भी हैं।

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