May 26 2019 /
9:53 PM

हर पात्र किसान का 2 लाख का कर्जा माफ होगा, भाजपा की गुमराह व झूठ की राजनीति से सावधान रहे किसान- कमलनाथ

भोपाल। मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि हम पूर्व में भी कह चुके है और बार-बार इस बात को दोहरा रहे है कि किसानों का कर्ज हर हाल में माफ होगा। यह हमारी घोषणा नहीं अपितु यह हमारा वचन है। हमने सरकार बनते ही एक घंटे के भीतर क़र्ज़माफ़ी के आदेश पर हस्ताक्षर किये है।

उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद स्वीकार रहे है कि ख़ज़ाने में पैसा नहीं है। उनकी यह स्वीकार्यता स्पष्ट करती है कि उन्होंने पूरा खजाना खाली कर दिया था। इसके बावजूद पिछले 80 दिनों में हमने मध्यप्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा फैसला अपने वचन-पत्र को पूरा करते हुए लिया और किसानों का कर्जा माफ किया।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेसजन को आव्हान किया है कि वे भाजपा के गुमराह करने और भ्रम फैलाने वाले षडयंत्रों का पर्दाफाश कर किसानों को असलियत बताएं और भाजपा को मुंहतोड़ जवाब दें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा झूठ परोसने वाली व गुमराह करने वाली झूठ, पार्टी है। जब उन्होंने देखा कि वास्तव में 25 लाख किसानों का कर्जा माफ हो गया तो वे षड्यंत्र पर उतर आए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा यह जान ले कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार वोट पाने के लिए काम नहीं करती बल्कि काम करके वोट लेने का अधिकार जताती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 55 लाख किसानों की कर्ज माफी आसान प्रकिया नहीं थी। लेकिन जिस मुस्तैदी और मेहनत के साथ अधिकारी, कर्मचारियों और मैदानी अमले ने सरकार की मंशा के अनुरूप इस महायज्ञ को पूरा किया उसके लिए वे बधाई के पात्र है।

नाथ ने किसानों से अपील की है कि वे भाजपा के अफवाह तंत्र के बहकावे में न आएं। किसान उल्टा पूछें कि पिछले 15 साल में उन्होंने क्या किया कि जिससे किसान कर्ज के दलदल में फँसता चला गया?

हम अपना वादा हर हाल में पूरा करेंगे। हमने 25 लाख किसानो का क़र्ज़ माफ़ किया है तो आचार संहिता के बाद बाक़ी किसानो का भी करेंगे।

भाजपा झूठ फैला रही

इधर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने सोमवार को जारी बयान में बताया कि भाजपाई किसानों को मिले मैसेज को सोशल मीडिया पर चला रहे हैं और भ्रम फैला रहे हैं कि एक ही किसान को 2-2 मैसेज मिल रहे हैं जिसमें से एक में उसके कर्ज माफ होने की बात कही गई है और दूसरे में आचार संहिता के कारण उसका कर्ज माफी का आवेदन पेंडिंग होने की बात कही गई हैं।

उन्होंने कहा कि फुर्सत में बैठे भाजपाइयों की बुद्धि व अल्प ज्ञान पर तरस आ रहा है। किसानों को दो तरह के मैसेज इसलिए मिले हैं कि प्रदेश में ऐसे लाखों किसान हैं जिनके एक नहीं दो या तीन बैंक अकाउंट है। उनके एक अकाउंट का कर्ज माफ हो गया तो उन्हें मैसेज मिला कि आपका इस अकाउंट का कर्ज माफ हो गया है।

दूसरा उनका बैंक अकाउंट का कर्ज यदि पेंडिंग है तो उनको दूसरा मैसेज मिला कि आचार संहिता के कारण अभी आपका आवेदन स्वीकृत नहीं हुआ है। आचार संहिता के बाद आपके इस अकाउंट की भी कर्ज माफी होगी।

अब इसमें गलत क्या है ? बल्कि इससे तो यह साबित हो रहा है कि कांग्रेस की सरकार ने उनके एक अकाउंट का कर्जमाफी आवेदन स्वीकृत कर दिया है।आचार संहिता नहीं होती तो दूसरा और तीसरा अकाउंट भी क्लियर हो जाता।

इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपाई किसानों को झूठ परोसकर गुमराह वह भ्रमित कर रहे हैं। जबकि किसान भाई भी भाजपा की राजनीति व हथकंडे को जानता है। वह जानता है कि कांग्रेस ने आज दिनांक तक 25 लाख किसानों का कर्ज माफ किया है तो बाकि किसानों का भी आचार संहिता के बाद कर्ज माफ होगा और हर हाल में होगा। यह कांग्रेस की घोषणा नहीं बल्कि उसका वचन है।

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