भ्रष्टाचार में पूर्व सीईओ, आर ई एस एसडीओ ,उपयंत्री ,सरपंच सचिव को 5 साल की सजा, जेल भेजा

होशंगाबाद । मनरेगा (राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) के फर्जी मस्टर तैयार कर लाखो रूपए की राशि की हेराफेरी करने के मामले मे न्यायालय ने केसला जनपद के पूर्व सीईओ संतोष कुमार पटेल, पूर्व अनुविभागीय अधिकारी जनपद केसला मोहम्मद हनीफ खान, पूर्व उपयंत्री पंकज मुड़िया, पूर्व सरपंच ढोबी मीनाबाई, सचिव मोहन सिंह, नारायण सिंह मेड ग्राम पंचायत ढोबी तालपुरा को पांच साल की सजा सुनाते हुए सभी आरोपियो को जेल भेज दिया गया है।
मामले में शासन की तरफ से पैरवी अपर लोक अभियोजक केशव सिंह चौहान ने की। चौहान ने बताया कि आरोपितों ने राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 के पालन में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के निर्देशों का पालन नहीं किया। योजनाबद्ध तरीके से फर्जी मस्टर रोल तैयार करते हुए जॉब कार्ड में वास्तविक मजदूरी राशि की प्रविष्टि नहीं की। गलत राशि की प्रविष्टि कर शासकीय धन राशि का दुरुपयोग किया। ग्राम पंचायतों की बगैर कार्य कराए जनपद पंचायत से 4.00 लाख रुपए का भुगतान करते हुए 2.50 लाख रूपए बैंक से आहरित कर रोकड़ में मात्र 17 हजार व्यय की प्रविष्टि की। 2.33 लाख राशि की आर्थिक अनियमितता की। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश काशीनाथ सिंह द्वारा पांच साल की सजा के साथ दो हजा रुपए का अर्थदंड भी किया गया। सभी आरोपितों को जेल भेज दिया गया है। मामला 2006 का है। सभी अधिकारी इसी दौरान केसला में पदस्थ थे और पद पर रहते हुए गड़बड़ी की। मामले में दोष सिद्ध होने पर आरोपितों को सजा सुनाई गई है।

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इंदौर