Jan 23 2019 /
10:54 PM

मुख्यमंत्री को डाकू कहे जाने वाले शिक्षक को कमलनाथ ने माफ किया, निलंबन समाप्त करने के निर्देश

भोपाल। एक अनुकरणीय पहल करते हुए मुख्यमंत्री को डाकू कहे जाने वाले शिक्षक को कमलनाथ ने माफ कर दिया है और उनका निलंबन समाप्त करने के निर्देश दिए हैं। कमलनाथ ने अपने वक्तव्य में कहा कि मुझे ज्ञात हुआ है कि प्रदेश के जबलपुर में एक शासकीय स्कूल में पदस्थ एक प्राध्यापक ने एक बैठक में मेरा नाम लेकर डाकू शब्द कहे जाने के विडीओ सामने आने पर वहाँ के ज़िला प्रशासन ने शिकायत मिलने पर उन्हें सिविल सेवा आचरण नियम के तहत निलंबित किया है।

नाथ ने कहा लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सभी को है , मेरा ऐसा मानना है। मैं सदैव इसका पक्षधर रहा हूँ।
यह भी सही है कि शासकीय सेवा में पदस्थ रहते हुए उनका यह आचरण नियमो का उल्लंघन हो सकता है , इसलिये उन पर निलंबन की कार्यवाही की गयी है।

लेकिन में यह सोचता हूँ कि इन्होंने इस पद पर आने के लिये कितने वर्षों तक तपस्या , मेहनत की होगी। इनका पूरा परिवार इन पर आश्रित होगा। निलंबन की कार्यवाही से इन्हें परेशानियो से गुज़रना पड़ सकता है।

एक मुख्यमंत्री पर आपत्तिजनक टिप्पणी से इन पर निलंबन की कार्यवाही की जाये , यह नियमो के हिसाब से सही हो सकता है लेकिन मैं व्यक्तिगत रूप से इन्हें माफ़ करना चाहता हूँ। मैं नहीं चाहता हूँ कि इन पर कोई कार्यवाही हो।

उन्होंने कहा कि एक शिक्षक का काम होता है , समाज का नवनिर्माण करना, विद्यार्थीयो को अच्छी शिक्षा देना। उम्मीद करता हूँ कि वे भविष्य में अपने कर्तव्यों पर ध्यान देंगे। मैने ज़िला प्रशासन को निर्देश दिये है कि इनका निलंबन अविलंब समाप्त हो।

इन पर कोई कार्यवाही ना की जाये। वह ख़ुद तय करे कि जो इन्होंने जनता की चुनी हुई सरकार के मुख्यमंत्री के लिये जो कहा है , क्या वह सही है?

नाथ बोले, उन्होंने यह भी कहा है कि पिछले 14 वर्षों में सेवा भारती को प्रताड़ित किया गया है। अपनो ने हमें परेशान किया।
मैं इन्हें बस इतना विश्वास दिलाता हूँ कि हमें ग़ैर ना समझे। हम बदले की भावना से कोई भी कार्य नहीं करेंगे और ना ही अपनो की तरह आपको प्रताड़ित करेंगे। यह है मामला

जबलपुर कलेक्टर छबि भारद्वाज ने शासकीय कनिष्ठ बुनियादी माध्यमिक शाला राइट टाउन के प्रधानाध्यापक मुकेश तिवारी को निलंबित कर दिया था। उनके विरुद्ध शिकायत में कहा गया था कि एक वायरल हुए विडियो के अनुसार, एक बैठक को संबोधित करते हुए तिवारी ने कथित तौर पर कहा, ‘पिछले 14 साल के भाजपा शासनकाल में सेवा भारती प्रताड़ित हुई है।

अब कांग्रेस की सरकार आ गई है। जब अपने वालों ने परेशान किया तो गैरों से क्या उम्मीद कर सकते हैं। हमारे शिवराज …… हैं, तो कमलनाथ डाकू हैं।’

सोशल मीडिया में 32 सेकेंड का विडियो वायरल होने के बाद स्थानीय कांग्रेसी नेताओं ने मुकेश तिवारी की शिकायत जिला कलेक्टर छबि भारद्वाज से की थी। जिसके बाद उन्हें निलंबित किया गया।

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