Mar 20 2019 /
11:25 AM

शनिश्चरी अमावस्या पर शिप्रा में पानी नही आने को लेकर कमलनाथ ने दिए जांच के आदेश

भोपाल। उज्जैन में कल शनिश्चरी अमावस्या पर महाकाल की नगरी उज्जैन में क्षिप्रा नदी के सूखने से व इससे श्रद्धालुओं को स्नान में आयी बाधा की घटना को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गंभीरता से लिया है।

उन्होंने मुख्य सचिव को उक्त पूरे मामले की जाँच कर तुरंत रिपोर्ट देने को कहा है। उन्होंने कहा है कि जानकारी होने के बाद भी श्रद्धालुओं के स्नान की माक़ूल व्यवस्था क्यों नहीं की गयी ? नर्मदा का पानी क्षिप्रा नदी में क्यों आ नहीं पाया ?

इसके पीछे क्या कारण है ? किसकी लापरवाही है ? पूर्व से ही सारे इंतज़ाम क्यों नहीं किये गये? उन्होंने निर्देश दिए कि पूरे मामले की जाँच हो ।

लापरवाही सामने आने पर दोषियों पर कार्यवाही हो। मेरी सरकार में धार्मिक आस्थाओं के साथ खिलवाड़ का कोई भी छोटा सा मामला भी में बर्दाश्त नहीं करूँगा।

कमलनाथ ने कहा कि मकर सक्रांति व भविष्य में इस तरह की परिस्थिति दोबारा निर्मित ना हो ,इसको सुनिश्चित किया जाये। यह जानकारी कांग्रेस के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने दी

आस्था के साथ तो खिलवाड़ हो गया, अब कैसी जांच?

इधर इस मामले पर बीजेपी ने कटाक्ष किया है। वरिष्ठ भाजपा नेता गोविंद मालू ने कहा कि आस्था के साथ तो खिलवाड़ हो गया मुख्यमंत्री जी अब कैसी जाँच? अब तो लीपा पोती होगी।

जब सारे अख़बार तीन दिन से इस लापरवाही के लिये चिल्ला रहे थे तब सरकार क्या कर रही थी। सिंहस्थ जैसे महापर्व पर जब लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र क्षिप्रा में स्नान किया तब ऐसी लापरवाही नही हुई और एक दिन के पर्व को सरकार नहीं सम्भाल पाई।अब दोषी तो सरकार हैं जिसके लचर प्रशासन के कारण नागरिकों को पवित्र दिन यह मुसीबत उठानी पड़ी।

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