Aug 25 2019 /
5:56 AM

मप्र में आयकर छापों को लेकर कमलनाथ का बयान- भाजपा को अपनी हार नज़र आने लगी तो इस तरह की कार्यवाही जान बूझकर चुनाव में लाभ लेने के लिये की

भोपाल। मप्र में आयकर छापों को लेकर मप्र के मुख्यमंत्री कमलनाथ का बयान आया है। उन्होंने कहा है कि भाजपा को अपनी हार सामने नज़र आने लगी तो इस तरह की कार्यवाही जान बूझकर चुनाव में लाभ लेने के लिये की गई है।

उन्होंने कहा कि आयकर छापो की सारी स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हुई है। सारी स्थिति स्पष्ट होने पर ही इस पर कुछ कहना उचित होगा, लेकिन पूरा देश जानता है कि संवैधानिक संस्थाओ का किस तरह व किन लोगों के ख़िलाफ़ एवं केसे इस्तेमाल ये लोग पिछले 5 वर्षों में करते आये है।

इनका उपयोग कर डराने का काम करते है। जब इनके पास विकास पर अपने काम पर कुछ कहने को, बोलने को नहीं बचता है तो ये विरोधियों के ख़िलाफ़ इस तरह के हथकंडे अपनाते है।

कमलनाथ ने कहा कि जब आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को अपनी हार सामने नज़र आने लगी है तो इस तरह की कार्यवाही जानबूझकर चुनाव में लाभ लेने के लिये की जाने लगी है। पिछले विस चुनाव में भी इन्होंने इसी तरह के सभी हथकंडे अपनाये थे।

कई राजनैतिक दल व कई राज्य पिछले 5 वर्ष में इनके द्वारा अपनाये गये हथकंडो के गवाह है। हम भी इसके लिये तैयार थे।
हर चीज़ की निष्पक्ष जाँच हो। इस तरह के हथकंडो से हमें कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता है।

इन घटनाओं से विकास के पथ पर हमारे क़दम रुकेंगे नहीं, डिगेंगे नहीं , हम डरेंगे नहीं अपितु और तेज़ी से विकास के पथ पर हम अग्रसर होंगे।प्रदेश की जनता सब सच्चाई जानती है। आगामी लोकसभा चुनाव में प्रदेश की जनता इन हरकतों का मुँहतोड़ जवाब देगी।

भ्रष्टाचारियो की बचाने का प्रयास- शिवराज

इधर इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि वक्त है बदलाव का नारा देकर सरकार में आई थी कांग्रेस, मगर यह कैसा बदलाव? आईटी की कार्यवाही रोकने का प्रयास किया जा रहा है। भ्रष्टाचारियो की बचाने का प्रयास हो रहा है।

संविधान को ध्वस्त करने के लिए अखाड़ा बना दिया है। किसके निर्देश पर पुलिस गई? पुलिस को इसका जवाब देना होगा। उन्होंने भ्रष्टाचारियो को बचाने का आरोप लगाते हुए पूछा कि चुनाव आचार संहिता में पुलिस आईटी की कार्यवाही रोकने क्यो पहुंची? उन्होंने कहा कि मप्र में 100 दिनों में जो खेल चला है ये उसका परिणाम है। जांच हो जाने दीजिए सारा सच सामने आएगा।

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