Mar 20 2019 /
11:36 AM

इंदौर के एक और छात्र का दबदबा, एनपी प्रजापति विधानसभा अध्यक्ष बने

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में इंदौर के एक और छात्र का दबदबा क़ायम हो गया है। इंदौर के क्रिश्चियन कॉलेज में पढ़े नर्मदा प्रसाद प्रजापति मंगलवार को भाजपा के भारी हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष चुने गए।

आज सदन में कांग्रेस विधायक नर्मदा प्रसाद प्रजापति को कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाया था वहीं दूसरी ओर भाजपा ने भी विधायक विजय शाह को अपना प्रत्याशी बनाकर उतार दिया।

इस मामले में विपक्षी दल वोटिंग की मांग कर रहे थे, लेकिन प्रोटेम स्पीकर दीपक सक्सेना ने यह मांग खारिज करते हुए कांग्रेस नेता एनपी प्रजापति को स्पीकर घोषित कर दिया। इसे लेकर हुए हंगामें के बीच विधानसभा की कार्रवाई दो बार स्थगित करना पड़ी।

इस बीच विधानसभा में नर्मदा प्रसाद प्रजापति विधानसभा के अध्यक्ष चुने गए। उन्हें 120 वोट मिले। जबकि विपक्ष की तरफ से सभी विधायक वोटिंग का बहिष्कार कर हंगामा करते हुए सदन से बाहर आ गए और नारेबाजी करने लगे।

विपक्ष की तरफ से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने इसेस लोकतंत्र की हत्या बताया। उधर, विपक्ष के हंगामे के बाद सत्ता पक्ष ने सदन में मत विभाजन की पेशकश की, लेकिन विपक्षी दल ने भी वोटिंग का विरोध किया।

क्योंकि सत्ता पक्ष विजय शाह को छोड़ सिर्फ एनपी प्रजापति के लिए ही वोटिंग कराना चाह रही थी। इस पर वोटिंग का बहिष्कार करते हुए विपक्षी दल राजभवन की तरफ रवाना हो गए। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने दोहराया कि लोकतंत्र का गला घोंटा गया है।

मतदान के लिए लाबी में पहुंचे विधायकों ने वोट डाले। एनपी प्रजापति को 120 वोट मिले। एनपी प्रजापति को विधानसभा का अध्यक्ष घोषित कर दिया गया। उधर, विपक्षी की तरफ से एक भी वोट नहीं डाला गया। वे चुनाव का बहिष्कार कर राजभवन की तरफ कूच कर गए।

राज्यपाल से मिलने के बाद विधायक नरोत्तम मिश्र ने कहा कि हमने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा है और चुनाव कराने की मांग की है। मिश्रा ने कहा कि भाजपा कोर्ट भी जा सकती है। सभी कानूनी सलाह लेने के बाद कोई फैसला लिया जाएगा।

शाह भी क्रिश्चियन कालेज में ही पढ़े है

यह संयोग ही है कि एक ओर जहां विधानसभा अध्यक्ष बने एमपी प्रजापति इंदौर के क्रिश्चियन कॉलेज में पढ़े हैं वहीं उनके सामने भाजपा की ओर से प्रत्याशी बनाए गए विजय शाह भी इसी कॉलेज के स्टूडेंट है।

गौरतलब है कि इंदौर के जो तीन मंत्री बने उनमें सज्जन सिंह वर्मा, तुलसी सिलावट और जीतू पटवारी तीनों इंदौर के आर्ट एंड कॉमर्स कॉलेज में ही पढ़े है।

इसी तरह मंत्री बनाए गए सचिन यादव, प्रियव्रत सिंह व हनी बघेल इंदौर के डेली कॉलेज में पढ़े है। इस तरह मौजूदा कमलनाथ सरकार में इंदौर के छात्रों का दबदबा आज प्रजापति के अध्यक्ष बनने के बाद और बढ़ गया।

हंगामे के बाद राज भवन की ओर कूच करते शिवराज सिंह चौहान व अन्य भाजपा विधायक

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