इंदौर सहित मध्य प्रदेश के 35 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी, देखें कौन से है ये जिले

भोपाल। अनवरत बारिश से लगभग समूचा मप्र हलाकान है लेकिन फिलहाल इससे राहत की खबर नही है। प्रदेश के 35 जिलों में भारी वर्षा को लेकर बुधवार दोपहर एक बजे ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम केंद्र भोपाल द्वारा जारी इस अलर्ट में इंदौर सहित मध्य प्रदेश के 35 जिलों में 12 सितंबर सुबह तक की अवधि में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। ऐसे जिलों में इंदौर के अलावा धार, खंडवा, खरगोन, अलीराजपुर, झाबुआ, बड़वानी, बुरहानपुर, उज्जैन, रतलाम, शाजापुर, आगर, देवास, नीमच, मंदसौर, भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, सीहोर, गुना, अशोकनगर, सागर, होशंगाबाद, हरदा, दमोह, टीकमगढ़, छतरपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, नरसिंहपुर, अनूपपुर, डिंडोरी व जबलपुर जिले शामिल है।

राज्य के करीब आधे हिस्से को पिछले चार दिन से भारी बारिश से कोई राहत नहीं मिली है। इसके चलते नदी-नाले सड़कों पर आकर बह रहे हैं और विभिन्न स्थानों का एक-दूसरे से सड़क संपर्क टूटा हुआ है। लगभग सभी बड़े बांध एवं जलाशयों के गेट खोले जाने से नर्मदा, चंबल, बेतवा, पार्वती एवं कालीसिंध नदियों में उफान आने, जलस्तर बढने से नदियों के आसपास बसे लोग प्रभावित हुए हैं।

बारिश से सीहोर, विदिशा, बड़वानी, हरदा और रायसेन जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। होशंगाबाद में नर्मदा खतरे के निशान 964 फीट से ढाई फीट ऊपर बह रही है। रात 12 बजे नर्मदा का जलस्तर 966.5 फीट था। महेश्वर में नर्मदा खतरे के निशान से एक फीट नीचे बह रही है। उज्जैन में शिप्रा के उफान पर होने से घाट किनारे मौजूद मंदिर जलमग्न हो गए हैं। नागदा में चंबल नदी में मौजूद मंदिर डूब गया। नर्मदा का जलस्तर बढ़ने से ओंकारेश्वर और इंदिरा सागर बांध से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है।

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इंदौर