Dec 05 2022 / 2:03 PM

इंदौर के चर्चित हनी ट्रैप केस में आरोपी पक्ष को नहीं मिलेंगे इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस, हाईकोर्ट ने निरस्त किया निचली कोर्ट का आदेश

इंदौर। इंदौर के चर्चित हनी ट्रैप केस में आरोपी पक्ष को इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस नहीं मिलेंगे। हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने इस सम्बंध में प्रदेश सरकार की ओर से दायर क्रिमिनल रिवीजन में आदेश जारी करते हुए निचली कोर्ट का आदेश निरस्त कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि केस के ट्रायल के दौरान आरोपी पक्ष जरूरी दस्तावेजो का अवलोकन कर सकेंगे। हाईकोर्ट ने केस की ट्रायल तेजी से चलाए जाने के भी निर्देश दिए।

जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की बेंच ने यह आदेश जारी किए। उल्लेखनीय है कि हनी ट्रैप प्रकरण में पुलिस की एसआईटी द्वारा जो सीडी, पेनड्राइव, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जब्त किए गए थे।

उनकी एफएसएल जांच कराई गई थी। एफएसएल जांच होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के वकीलों को इसकी जांच की सीडी देने से इनकार किया था। बाद में जिला न्यायाधीश एट्रोसिटी एक्ट की कोर्ट ने यह आदेश दिए थे कि जब्त CD व जांच रिपोर्ट की एक प्रति आरोपी के वकीलों को दी जाए।


शासन ने कोर्ट के इस आदेश को हाईकोर्ट में में चैलेंज करते हुए क्रिमिनल रिवीजन दायर की थी जिसमें शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता पुष्यमित्र भार्गव ने पक्ष रखा। उच्च न्यायालय ने पुलिस और आरोपी के वकीलों के तर्क सुनकर आदेश सुरक्षित रखा था जो आज जारी किया गया।

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