Mar 20 2019 /
10:44 AM

1984 के सिख विरोधी दंगो में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को उम्रकैद

दिल्ली। सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट से अहम फैसला आया जिसमे कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को 1984 सिख विरोधी दंगों से संबंधित एक मामले में दोषी ठहराते हुए ताउम्र क़ैद की सज़ा सुनाई गई। फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि इस तथ्य से इनकार नहीं किया जा सकता है कि आरोपियों को सज़ा देने में तीन दशक लग गए लेकिन पीड़ितों को यह आश्वासन देना आवश्यक है कि अदालत के समक्ष पेश होने वाली चुनौतियों के बावजूद सत्य की जीत होगी और न्याय होगा.

जस्टिस एस. मुरलीधर और जस्टिस विनोद गोयल की पीठ ने सज्जन कुमार को दंगा भड़काने और साजिश रचने का दोषी करार दिया और इसके लिए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। हाई कोर्ट ने 73 वर्षीय कुमार और अन्य पांच को दोषी करार देते हुए 31 दिसंबर तक आत्मसमर्पण करने और तक तब दिल्ली ना छोड़ने का निर्देश दिया है.पीठ ने कहा कि मुख्य रूप से तीन प्रत्यक्षदर्शियां जगदीश कौर, उनके रिश्तेदार जगशेर सिंह और निरप्रीत कौर के साहस एवं दृढ़ता के कारण आरोपियों को न्याय के दायरे में लाया जा सका.

यह है मामला

यह मामला 1984 दंगों के दौरान एक-दो नवंबर को दक्षिण पश्चिम दिल्ली की पालम कॉलोनी में राजनगर पार्ट-1 क्षेत्र में सिख परिवार के पांच सदस्यों की हत्या करने और राज नगर पार्ट-2 में एक गुरुद्वारे में आगे लगाने से जुड़ा है। पूर्व संसद सज्जन कुमार सहित छह आरोपियों के ख़िलाफ़ वर्ष 2010 में सुनवाई शुरू हुई थी और तीन वर्ष बाद निचली अदालत ने कांग्रेस नेता को बरी करते हुए पांच अन्य को दोषी ठहराया था. सिख विरोधी दंगों के समय सज्जन कुमार संसद सदस्य थे.

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