Sep 23 2019 /
10:57 AM

राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुई अरुण जेटली की पार्थिव देह, बेटे रोहन ने दी मुखाग्नि

दिल्ली। रविवार को पूर्व वित्त एवम रक्षा मंत्री अरुण जेटली राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए। दिल्ली के निगम बोध घाट पर उनके बेटे रोहन ने मुखाग्नि दी। इस दौरान उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा सहित कई राज्य के मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्रियों के अलावा कई भाजपा सांसद मौजूद रहे।

दोपहर तीन बजे अंतिम विदाई के वक्त कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दलों के शीर्ष नेता भी मौजूद रहे। विदेश में होने के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस अंतिम यात्रा में शरीक नहीं हो पाए।

अंतिम संस्कार के पूर्व अरुण जेटली के पार्थिव शरीर को गन कैरीज पर ले जाया गया। दरअसल भारतीय कानून नियम के हिसाब से इस पर सिर्फ तीन श्रेणी के दिवंगत लोगों को ही ले जाया जा सकता है।

प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और राष्ट्रपति के निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को गन कैरिज पर ले जाया जाता है। उल्लेखनीय है कि अरुण जेटली रक्षा मंत्री भी रह चुके हें। इसलिए जेटली के पार्थिव शरीर को गन कैरीज पर अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।

जेटली मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में रक्षा मंत्री रहे हैं। आज सुबह करीब 11 बजे उन्हें गन कैरिज वाहन पर बीजेपी के दफ्तर तक ले जाया गया।

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