Sep 23 2019 /
10:54 AM

चंद्रयान-2: पूर्व इसरो चीफ बोले, 95% काम पूरा, बस 5% से चूके

नई दिल्ली। चंद्रयान 2 मिशन में लैंडर विक्रम से संपर्क टूटने को लेकर देशवासी मायूस है लेकिन इसरो चेयरमैन की मानें तो यह मिशन 95 प्रतिशत तक सफल माना जा सकता है क्योंकि ऑर्बिटर पहले ही अपनी सही जगह पहुंच गया है और ठीक काम कर रहा है। पूर्व इसरो चेयरमैन जी माधवन नायर ने शनिवार को इस पर बात की।

उन्होंने कहा कि लैंडर के चांद पर लैंड न होने के बावजूद चंद्रयान 2 ने अपने 95 प्रतिशत उद्देश्यों को पूरा कर लिया है। माधवन स्पेस डिपार्टमेंट में सचिव और स्पेस कमिशन में चेयरमैन भी रह चुके हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रयान 2 का ऑर्बिटर बिल्कुल ठीक जगह है और लूनर ऑर्बिट में सही से अपना काम कर रहा है। माधवन बोले, ‘मुझे लगता है कि हमें इतनी ज्यादा चिंता नहीं करनी चाहिए। मैं कहूंगा कि चंद्रयान को जो काम करने थे उनमें से 95 प्रतिशत काम करने में वह सफल हुआ है।’

दें कि चंद्रयान में कुल तीन प्रमुख हिस्से हैं। इसमें 2379 किलोग्राम का ऑर्बिटर, लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान (लैंडर के अंदर) शामिल थे। फिलहाल लैंडर और उसके अंदर का रोवर कहां अटक गए हैं इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन ऑर्बिटर अपना काम कर रहा है। जहां लैंडर (1,471 किलोग्राम) की मिशन लाइफ 14 दिन थी, वहीं ऑर्बिटर की मिशन लाइफ पूरे एक साल है।

लैंडर से संपर्क टूटने के पीछे क्या वजह हो सकती हैं? इसपर भी पूर्व इसरो चीफ ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि बहुत सी वजहों में से कुछ भी हो सकता है। हो सकता है सेंसर फेल हो गया हो, ऑन बोर्ड सॉफ्टवेयर क्रैश हो गया हो या फिर वह बहुत तेजी से नीचे चला गया हो। माधवन नायर ने आगे कहा कि उन्हें पूरा यकीन है कि इसरो जल्द यह पता लेगा कि क्या गलत हुआ।

बता दें कि भारत का महत्वाकांक्षी मिशन चंद्रयान शुक्रवार देर रात मुश्किल में फंस गया। चांद की सतह की ओर बढ़ा लैंडर विक्रम का चांद की सतह से 2.1 किलोमीटर पहले संपर्क टूट गया। इससे पहले तक सबकुछ तय किए गए प्लान से चल रहा था।
साभार- नवभारत टाईम्स।

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