लोकसभा में गडकरी ने मांगी सिंधिया से माफ़ी

नई दिल्ली: सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मध्य प्रदेश के गुना में एक राजमार्ग के विस्तार कार्य के शुभारंभ के मौके पर स्थानीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को आमंत्रित नहीं किये जाने तथा उनका नाम शिलापट्टिका पर नहीं लिखे जाने पर खेद व्यक्त करते हुए आज लोकसभा में उनसे माफी माँगी..

सदन में प्रश्नकाल के बाद गुना से कांग्रेस सदस्य श्री सिंधिया ने विशेषाधिकार के तहत यह मामला उठाया, उन्होंने कहा कि गत 23 जुलाई को ग्वालियर-शिवपुरी-देवास राजमार्ग के विस्तार कार्य के शुभारंभ के मौके पर स्थानीय सांसद के नाते उन्हें आमंत्रित किया जाना चाहिये था, उन्होंने आरोप लगाया कि पहले जो शिलापट्टिका तैयार की गयी थी उस पर उनका नाम था, लेकिन उसे तोड़कर दूसरी शिलापट्टिका तैयार की गयी जिसमें उनका नाम हटा दिया गया..
निर्माण कार्य का शुभारंभ श्री गडकरी ने किया था, इसके लिए श्री सिंधिया ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है..

श्री गडकरी ने यह स्वीकार किया कि उनके विभाग की स्थानीय इकाई से गलती हुई है, उन्होंने कहा “मैं स्वीकार करता हूँ कि गलती हुई है और विभाग की तरफ से मैं सम्माननीय सदस्य से माफी माँगता हूँ।” हालाँकि, उन्होंने श्री सिंधिया को आमंत्रित न करने के आरोपों को गलत बताया..

मंत्री ने कहा कि इस गलती का पता चलते ही उन्होंने जिलाधिकारी से इस बाबत पूछा तो पता चला कि स्थानीय सांसद को आमंत्रित किया गया था, लेकिन उन्होंने आने से मना कर दिया, इसके बावजूद अनुपस्थिति में भी सांसद का नाम शिलापट्टिका पर होना चाहिये थे, इसके बावजूद श्री सिंधिया तथा कांग्रेस के कुछ अन्य सदस्य अध्यक्ष से “संरक्षण” की जोर-जोर से माँग करते रहे..

कांग्रेस के नेता श्री खडगे ने आरोप लगाया कि एक विषय पर तो श्री गडकरी ने माफी माँग ली है, लेकिन ऐसा अक्सर होता है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष को कड़े शब्दों में निर्देश देना चाहिये कि भविष्य में इस तरह स्थानीय सांसदों की अनदेखी न हो। सत्ता पक्ष के कुछ सदस्य भी इस पर खड़े हो गये।

ग्वालियर के सांसद और ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रत्यारोप लगाया कि पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के समय भी ऐसा होता रहा है। इस पर एक बार फिर कांग्रेस के सदस्य खड़े होकर जोर-जोर से प्रतिवाद करने लगे। श्रीमती महाजन ने कड़े शब्दों ने श्री सिंधिया से कहा “यह तरीका नहीं है ज्योतिरादित्य जी, यह गडकरी जी का बड़प्पन है कि उन्होंने उठकर माफी माँगी..” उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के कार्यक्रमों में स्थानीय सांसद को बुलाने के संबंध में कई निर्देश हैं। जहाँ ऐसे निर्देश नहीं हैं वहाँ भी उन्हें बुलाया जाना चाहिये।

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इंदौर