May 26 2019 /
8:29 AM

कमल हासन के ‘स्वतंत्र भारत का पहला उग्रवादी एक हिंदू था’ बयान पर कोर्ट का सुनवाई से इनकार

दिल्‍ली। बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने अभिनेता से राजनीति में आये कमल हासन की उस टिप्‍पणी को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया जिसमें उन्‍होंने कथित तौर पर कहा था कि ‘स्वतंत्र भारत का पहला उग्रवादी एक हिंदू था।’

भाजपा नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से दाखिल की गई याचिका में निर्वाचन आयोग को चुनावी लाभ लेने की मंशा से धर्म के बारे में अनुचित बयानबाजी करने पर ‘प्रतिबंध’ लगाने की मांग की गई थी।हाईकोर्ट के जस्टिस जीएस सिस्‍तानी और जस्टिस ज्‍योती सिंह ने कहा कि कमल हासन के बयान से संबंधित मामला अदालत के अधिकार क्षेत्र के बाहर है, इसलिए वह इस पर सुनवाई नहीं कर सकती है।

हालांकि अदालत ने निर्वाचन आयोग से कहा है कि वह कमल हासन की हालिया टिप्पणी के मामले में तेजी से फैसला ले। याचिका में चुनावी लाभ के लिए धर्म के दुरूपयोग को लेकर दलों का पंजीकरण रद्द करने और प्रत्याशियों को चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की भी मांग की थी।

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इंदौर