मराठा आरक्षण पर महाराष्ट्र बन्द, एक की मौत

मुम्बई। मराठा आरक्षण को लेकर एक बार फिर महाराष्ट्र में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। मराठा क्रांति मोर्चा ने मंगलवार को महाराष्ट्र बंद का ऐलान किया है। औरंगाबाद में आरक्षण की मांग को लेकर एक युवक ने गोदावरी नदी में कूद कर खुदकुशी कर ली थी।

युवक की मौत के बाद लोग सड़कों पर उतर आए। नाराज लोगों ने महाराष्ट्र के कई इलाकों में तोड़फोड़ की। गई जगहों पर गाड़ियों-बसों को निशाना बनाया गया ।

इसके बाद गुस्से में आए उक्त मोर्चा ने महाराष्ट्र बंद का एलान किया। बंद का सबसे ज्यादा असर मराठवाड़ा इलाके में दिख रहा है। जहां स्कूल और कॉलेज बंद हैं। औरंगाबाद में इंटरनेट सेवाएं रोक दी गईं। गई मार्ग बंद कर दिए गए हैं।

मराठा क्रांति मोर्चा समन्वय समिति के सदस्य विरोध-प्रदर्शन कर धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारियों का फडणवीस सरकार पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव में किया वादा पूरा नहीं किया है.
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में 33 फीसदी मराठा हैं। राज्य में सबसे ज्यादा किसान मराठा ही हैं। जो सूखे और कर्ज की मार से जूझ रहे हैं। महाराष्ट्र में किसान लगातार आत्महत्याएं कर रहे हैं।

युवा बेरोजगारी की समस्या का सामना कर रहे हैं। यहां प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ओबीसी को बहुत कुछ मिल चुका है, दलितों को मिल चुका है इसलिए अब मराठों की बारी है।

2014 के लोकसभा चुनावों में महाराष्ट्र में भारी संख्या में सीट गंवाने के बाद हड़बड़ी में तत्कालीन सरकार 16 फीसदी मराठा आरक्षण का अध्यादेश लाई थी, लेकिन ये खामियों के चलते अदालत में टिक नहीं पाया।

महाराष्ट्र सरकार ने हाल में कहा था कि वह 72,000 सरकारी नौकरियां देने की घोषणा कर सकती है। सरकारी नौकरियों की भर्ती में मराठों के लिए 16 प्रतिशत पद आरक्षित रखने का सीएम का फैसला इस आग को ठंडा करने के बजाय और भड़का रहा है।

माना जा रहा है कि इसकी के चलते मराठा विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मराठा समुदाय की मांग है कि राज्य सरकार तब तक कोई भर्ती नहीं करे जब तक नौकरियों में उन्हें आरक्षण देने की उनकी मांग को पूरा न किया जाए।

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इंदौर