Dec 09 2022 / 5:45 PM

निर्भया गैंगरेप के दोषी अक्षय की पुनर्विचार याचिका खारिज, डेथ वारंट पर 7 जनवरी 2020 को होगी सुनवाई

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में 2012 में निर्भया गैंगरेप और हत्या के केस में दोषी करार दिए जा चुके अक्षय की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी है। अक्षय की याचिका पर जस्टिस भानुमति की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई की। पीठ में जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस बोपन्ना शामिल रहे। हालांकि अदालत की तरफ दोषियों के डेथ वारंट पर सुनवाई 7 जनवरी 2020 को होगी।

बता दें कि पिछले साल 9 जुलाई को ही बाकी अन्य दोषियों विनय, मुकेश और पवन की फांसी के खिलाफ पुनर्विचार याचिका खारिज कर चुका है। इससे पहले बहस के दौरान दोषी अक्षय के वकील एपी सिंह ने अपने मुवक्किल को फांसी नहीं देने की मांग की।

सरकार की तरफ से पेश वकील एसजी तुषार मेहता ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने सभी दलीलों को सबूतों को परखने के बाद फांसी की सजा सुनाई, जो कि सुप्रीम कोर्ट ने भी सही माना। यह अपराध ऐसा गंभीर है जिसे भगवान भी माफ नहीं कर सकता जिसमें सिर्फ फांसी की सजा ही हो सकती है।

दोषी अक्षय के वकील एपी सिंह ने कहा कि जब देश मे इतने लोगों की फांसी लंबित है दया याचिका दाखिल होने के बाद भी तो उनको ही लटकाने की जल्दी और हड़बड़ी क्यों? ये प्रेशर में हो रहा है। वकील ने मुख्य गवाह अमरिंदर पांडे पर सवाल उठाया और कहा कि मामले में उनके सबूत और प्रस्तुतियां अविश्वसनीय हैं।

दोषी अक्षय की तरफ से वकील ने यह भी कहा कि मुझे फांसी इसलिए दी जा रही है क्योंकि मैं गरीब हूं। इस मामले में सब कुछ राजनीतिक एजेंडे की तरह हो रहा है। वकील सिंह ने याचिका पढ़ते हुए वेद, पुराण, त्रेता युग का जिक्र किया और कहा कि कलयुग में लोग केवल 60 साल तक जीते हैं जबकि दूसरे युग में कहीं ज्यादा।

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