Dec 03 2022 / 2:38 PM

पीएम मोदी ने लॉन्च की ‘अटल भूजल योजना’

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर अटल भूजल योजना की शुरुआत की। इसके साथ ही पीएम मोदी ने अटल टनल का भी उद्घाटन किया। दिल्ली के विज्ञान भवन में हुए इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज भारत के दो रत्नों अटल बिहारी वाजपेयी, मदन मोहन मालवीय का जन्मदिन है। प्रधानमंत्री ने इस दौरान पानी बचाने के लिए मंत्र दिए और कहा कि किसान, युवा, स्टार्टअप करने वाले पानी बचाने के लिए कई कदम उठा सकते हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि 70 साल में सिर्फ 3 करोड़ घरों में ही पीने का पानी पहुंचा है, लेकिन हमें अगले पांच सालों में तेज रफ्तार से काम करना है। आज दिल्ली में पीने के पानी को लेकर काफी हंगामा हो रहा है और लोग जागरूक बने हैं। इस दौरान पीएम मोदी मजाक में कहा कि कल को हेडलाइन बनेगी ‘तीन लाख करोड़ पानी में’। पीएम ने कहा कि इस योजना पर सैटेलाइट से भी नज़र रखी जाएगी और देखा जाएगा कि किस तरह लोगों को फायदा पहुंच रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मनाली के पास एक गांव में आज हवन हो रहा है। जब मैं हिमाचल में रहता था तो अटल जी मनाली आते थे, तब अटल जी ने इस टनल पर काम करना शुरू किया था। तब मैंने नहीं सोचा था कि अटलजी के सपने को उनके नाम से ही जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री बोले कि करगिल के युद्ध के बाद सुरक्षा की दृष्टि से इस टनल का उपयोग काफी महत्वपूर्ण है। लेह-लद्दाख और करगिल का भी भाग्य इस टनल से बदल जाएगा। पानी के मुद्दे पर अटल बिहारी वाजपेयी ने काफी काम किया था।

कार्यक्रम में पीएम ने बताया कि अटल जी की अगुवाई में शांता कुमार ने पानी को लेकर बड़ी योजना चलाई, लेकिन जब अटल जी की सरकार चली गई तो पानी की योजना ही बह गई। हमारी सरकार ने पिछले कार्यकाल में इसपर काम किया। अटल भूजल योजना के तहत 2024 तक हर घर में पीने का पानी पहुंचाया जाएगा।

प्रधानमंत्री बोले कि पानी का विषय ना सिर्फ परिवार, बल्कि देश के रूप में भी नई चिंता है। हमारी सरकार पांच स्तर पर एक साथ काम कर रही है, इनमें पानी से जुड़े विभागों को एक करने का काम किया है। साथ ही पूरे देश की जमीनी स्थिति को देखकर योजना बनाई है। इसके अलावा उपलब्ध पानी के सही वितरण पर ध्यान दिया, पानी की एक-एक बूंद का इस्तेमाल करने पर जोर दिया। हमारी सरकार ने पानी के प्रति जागरुकता-जन भागीदारी पर जोर दिया।

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