राहुल ने मोदी को लगाया गले….

 अविश्वास प्रस्ताव पर राहुल ने कहा, मोदी अब चौकीदार नहीं भागीदार

नईदिल्ली। लोकसभा में शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में भाषण खत्म होने के बाद राहुल गांधी ने पीएम मोदी को गले लगाया। इसके पहले राहुल ने अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर बोलते हुए बेहद आक्रामक तेवर में सरकार पर तीखे हमले किए. उनके भाषण के बीच सत्‍ता-पक्ष और विपक्ष के बीच हंगामा भी हुआ. हालांकि पूरे भाषण में लगातार पीएम मोदी पर हमलावर रुख अख्तियार करने वाले राहुल गांधी भाषण खत्‍म करने के बाद पीएम मोदी के आसन तक गए और उनके गले लगे।

राहुल ने मोदी के जुमलों को याद दिलाते हुए कहा कि पीएम मोदी ने कहा था, 15 लाख लोगों को रोजगार देंगे। उनका जुमला नंबर 2 था, दो करोड़ युवाओं को रोजगार देंगे। पीएम मोदी ने कहा था कि मैं देश का चौकीदार हूं, लेकिन अमित शाह के पुत्र की आमदनी जब सोलह हजार गुना बढ़ गई तो एक शब्‍द भी नहीं बोले।

राफेल के साथ यूपीए के दौर में करीब तकरीबन 520 करोड़ प्रति विमान की डील हुई थी लेकिन पता नहीं क्‍या हुआ कि पीएम मोदी की फ्रांस यात्रा के दौरान यह डील 1600 करोड़ रुपये प्रति विमान हो गया. जब इसका ब्‍योरा मांगा गया तो रक्षा मंत्री ने कहा कि गोपनीयता की शर्तों के तहत इसको सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।

लेकिन फ्रांस के राष्‍ट्रपति की जब मुझसे मुलाकात हुई तो मैंने उनसे जब पूछा कि क्‍या ऐसी कोई शर्त है तो उन्‍होंने कहा कि ऐसी कोई शर्त इस डील में नहीं हैं. लिहाजा यह कहना चाहता हूं कि इस संबंध में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने गलत बात कही है। राहुल ने कहा कि पीएम मोदी मुस्‍कुरा रहे हैं लेकिन मैं जानता हूं कि वह नर्वस हैं।

चूंकि पीएम मोदी ईमानदार नहीं रहे इसलिए वह मुझसे नजर नहीं मिला पा रहे हैं. पीएम नरेंद्र मोदी अब चौकीदार नहीं भागीदार हैं। मोदी जब चीन के राष्‍ट्रपति के साथ गुजरात में झूला झूल रहे थे तब 1000 चीनी सैनिक हमारी सीमा के अंदर थे. उसके बाद चीन ने डोकलाम में अपने सैनिक भेज दिए।

हमारे सैनिकों ने उनको पीछे धकेला. उसके कुछ दिन बाद पीएम मोदी बिना एजेंडा के चीन चले गए और डोकलाम के मुद्दे पर कोई बात नहीं हुई. चीन 50 हजार युवाओं को हर 24 घंटे में रोजगार देता है और मोदी सरकार इस अवधि में 400 लोगों को रोजगार दे पाती है।

राहुल ने कहा, पता नहीं कहां से संदेश मिला और रात आठ बजे पीएम मोदी ने नोटबंदी का फैसला लागू कर दिया। मोदी सरकार ने 20-25 उद्योगपतियों के ढाई लाख करोड़ का कर्ज माफ कर दिया लेकिन किसानों का कोई कर्ज माफ नहीं किया।

इसी तरह महिला, दलित और दबे-कुचले लोग मारे जा रहे हैं, पीटे जा रहे हैं, कुचले जा रहे हैं लेकिन मोदी के मुंह से एक शब्‍द भी नहीं निकलता. इसके उलट इनके मंत्री आरोपियों को गले पहना रहे हैं. जहां भी देखो एक हिंदुस्‍तानी को मारा जा रहा है।

पीएम मोदी और अमित शाह दो अलग तरह के राजनेता हैं. इनको सत्‍ता से दूर होना बर्दाश्‍त नहीं है. सत्‍ता से दूर होने का डर पीएम मोदी और अमित शाह के मन में गुस्‍सा लाता है. उनके इसी गुस्‍से से पूरा देश परेशान है।

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इंदौर