तेलंगाना वि.स. भंग करने की सिफारिश मंजूर

नईदिल्ली। गुरुवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने मंत्रिमंडल की आपात बैठक बुलाई जिसमें राज्य वि.स. को भंग करने की सिफारिश की गई. बैठक के बाद मुख्यमंत्री केसीआर ने राज्यपाल इएसएल नरसिम्हन से मुलाकात कर विस भंग करने का प्रस्ताव सौंपा जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया. मुख्यमंत्री ने विस भंग करने संबंधित प्रस्ताव को राज्यपाल को सौंप दिया. इसके बाद राज्यपाल ने केसीआर को सरकार का केयरटेकर नियुक्त किया.

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद केसीआर ने राजभवन पहुंच कर राज्यपाल इएसएल नरसिम्हन से मुलाकात की। वि.स. आते समय रास्ते में सीएम को कुछ प्रदर्शनकारियों के विरोध का सामना करना पड़ा. प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री कार्यालय के सामने धरना दे रहे हैं. प्रदर्शनकारी नौकरियों में नियमित किए जाने की मांग कर रहे
हैं.
मुख्यमंत्री के चंद्रचेखर राव ने कैबिनेट की बैठक ली. जिसमें वि.स. को भंग करने का फैसला लिया गया और इसके बाद मुख्यमंत्री राजभवन की तरफ रवाना हो गए।

असल में, केसीआर चाहते हैं कि साल के अंत में 4 राज्यों में होने वाले वि.स. चुनाव के साथ उनके राज्य में भी चुनाव कराए जाएं. इसके लिए वह समयपूर्व वि.स. भंग कराने का फैसला लिया है।
ज्योतिष में खासा विश्वास रखने वाले मुख्यमंत्री 6 अंक को बेहद शुभ मानते हैं, इसलिए उन्होंने इस अहम फैसले के लिए 6 सितंबर के दिन को चुना।
राज्य वि.स. का अगला चुनाव 2019 में लोकसभा चुनाव के साथ ही कराया जाना है, लेकिन मुख्यमंत्री राव चाहते हैं कि इस साल के अंत में 4 राज्यों में होने वाले वि.स. चुनाव के साथ ही इस राज्य के चुनाव करा लिए जाएं. साल के अंत में राजस्थान, मध्य प्रदेश, छ्त्तीसगढ़ और मिजोरम में एक साथ वि.स. चुनाव होने हैं।

इससे पहले 2 सितंबर को एक रैली को संबोधित करते हुए केसीआर ने कहा था, ‘मैं वादा करता हूं कि अगर चुनाव से पहले मैं मिशन भागीरथ के जरिये हर घर को पानी मुहैया नहीं करा पाया तो मैं चुनाव नहीं लडूंगा. इस देश में कोई भी मुख्यमंत्री इस तरह की बात करने की हिम्मत नहीं दिखाएगा.। .

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