Jan 23 2019 /
11:55 PM

सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण बिल को राज्यसभा से भी हरी झंडी, पक्ष में 165, विपक्ष में 7 वोट डले

नईदिल्ली। बुधवार को लंबी बहस के बाद राज्यसभा में भी सवर्णों को नौकरियों और शिक्षा में आर्थिक आधार पर 10% आरक्षण देने से जुड़ा 124वां संविधान संशोधन विधेयक अंततः पारित हो गया।

इसके पहले इस बिल पर राज्यसभा में करीब दस घंटे बहस हुई और 30 से ज्यादा नेताओं ने अपनी बात रखी। लगभग हर एनडीए विरोधी दल ने बिल का विरोध करते हुए सरकार से तीखे सवाल किए, लेकिन चर्चा के बाद इसके पक्ष में वोटिंग की।

165 सांसदाें ने बिल के पक्ष में और 7 सदस्यों ने इसके खिलाफ वोटिंग की। यह बिल जिस तरह से मंगलवार को लोक सभा में लगभग सर्वसम्मति से पारित हुआ था, उसी तरह से राज्यसभा में यह बिल बहुमत से प्रस्ताव हो गया।

इस बिल में संशोधन के तमाम प्रस्ताव गिर गए, यानी ये बिल उसी रूप में पारित हुआ है, जिस रूप में सरकार ने इसे पेश किया था। अब इस बिल को राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राज्य सभा से विधेयक को पारित करवाने के लिए सत्र का कार्यकाल एक दिन बढ़ाया गया था।

बुधवार को बिल पेश किए जाने के बाद विपक्ष ने ज़ोरदार हंगामा किया जिसके बाद सदन को दोपहर 2 बजे तक लिए स्थगित कर दिया गया था। दोपहर बाद दोबारा चर्चा शुरू हुई.शुरूआत बीजेपी सांसद प्रभात झा ने की।

उनके बाद राज्य सभा में कांग्रेस के नेता आनंद शर्मा और फिर बारी-बारी से विभिन्न दलों के सांसद संसद में बिल पर अपनी बातें रखीं। बहुजन समाज पार्टी के नंबर दो नेता सतीश मिश्रा ने इस बिल का स्वागत किया लेकिन उन्होंने इस बिल पर सवाल उठाए।

आरक्षण के दायरे आएंगे ये सवर्ण

  1. सालाना आय 8 लाख से कम होनी चाहिए
  2. कृषि योग्य भूमि 5 हेक्टेयर से कम होनी चाहिए
  3. घर 1000 स्क्वायर फीट जमीन से कम में होना चाहिए
  4. निगम में आवासीय प्लॉट 109 यार्ड से कम होना चाहिए
  5. निगम से बाहर के प्लॉट 209 यार्ड से कम होने चाहिए
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